श्रीमहावीरजी. अहिंसा नगरी में गुरुवार को भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा निकाली गई। दोपहर करीब ढाई बजे भगवान महावीर स्वामी का 387 वर्ष प्राचीन स्वर्णजडि़त रथ जैन मंदिर के मुख्य द्वार से निकला तो पूरा क्षेत्र गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो गया। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की इस ऐतिहासिक रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रथयात्रा मुख्य मंदिर से प्रारंभ होकर कटला परिसर और मुख्य बाजार से होते हुए गंभीर नदी के तट पहुंची। यहां दिगंबर जैन मुनि चिन्मयानंद महाराज और आर्यिका आर्षमति माताजी ससंघ की उपस्थिति में अष्टद्रव्य और पंचामृत से भगवान का कलशाभिषेक किया गया। पंडित मुकेश शास्त्री की ओर से जैन विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक संपन्न हुआ। हाईकोर्ट जज अशोक जैन ने केसरिया ध्वज दिखाकर रथयात्रा को रवाना किया। हिंडौन उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर लगातार तीसरी बार रथ के सारथी बने। जबकि मंदिर समिति अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल भी रथ में साथ रहे। रथयात्रा में ऐरावत हाथी, बैंड-बाजे और नाचते-गाते श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहे। इस वर्ष रथ को जीवित बैलों के स्थान पर आर्टिफिशियल बैलों से खींचा गया। गंभीर नदी तट पर हुआ जलाभिषेक: प्राचीन परंपरा के अनुसार पांचना बांध से छोड़े गए जल से गंभीर नदी तट पर भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद माला की बोली लगाई गई और श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद रथ वापस मुख्य मंदिर लाया गया।
इस प्रकार रथयात्रा का विधिवत समापन हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर और मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भक्ति में लीन नजर आए।
चारों ओर ‘चांदनपुर वाले बाबा’ और भगवान महावीर के जयकारे गूंजते रहे। रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही।
रिवर फ्रंट के लिए भेजा प्रस्ताव:
धर्मसभा के दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल ने गंभीर नदी के विकास को लेकर रिवर फ्रंट बनवाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोटा की चंबल नदी की तर्ज पर प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। साथ ही कचरा निस्तारण प्लांट और अस्पताल में नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इस अवसर पर पूर्व चीफ जस्टिस एनके जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पालसिंह, करौली एएसपी गुमनाराम, तहसीलदार हरसहाय मीना सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।