13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नंदी पर दूल्हा बन बैठे हैं महादेव और दुल्हनिया बनी हैं पार्वती

Mahadev and bride are Parvati sitting on Nandi as a groom. The statue of Shiva-Parvati's marriage is in the Nardeshwar Mahadev temple of Kothi of Piriya.Shiva Parvati was married on Mahashivratri -पीरिया की कोठी के नर्वदेश्वर महादेव मंदिर में है शिव-पार्वती के विवाह की प्रतिमा महाशिवरात्रि को हुआ था शिव पार्वती का विवाह

less than 1 minute read
Google source verification
नंदी पर दूल्हा बन बैठे हैं महादेव और दुल्हनिया बनी हैं पार्वती

नंदी पर दूल्हा बन बैठे हैं महादेव और दुल्हनिया बनी हैं पार्वती

हिण्डौनसिटी. आमतौर पर शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का स्वरूप शिवलिंंग के रूप में ही नजर आता है। लेकिन हिण्डौन में भगवान महादेव ‘दूल्हेराजा’ के रूप मेंं भी विराजित हैं। मंदिर में भगवान शंकर और माता पार्वती युगल रूप में नंदी में पर विराजित हैं। शिवभक्त महादेव-पार्वती के युगल स्वरूप को नर्वदेश्वर महादेव दूल्हेराजा के नाम से पुकारते हैं।

लोगों में मान्यता है कि माता पार्वती को विवाह कर हिम नरेश हिमाचल के यहां से नंदी पर विराजित हो कैलाश धाम ले जा रहे हैं। ऐसी भी मानना है कि कुंवारे युवा दूल्हेराजा से दूल्हा बनने (विवाह) की मनौती मांगते हैं। वहीं अविवाहित युवतियों को योग्य वर की प्राप्ति होती है। साथ ही सुहागिनें भी सौभाग्यशाली रहने का कामना शिव-पार्वती के दम्पती स्वरूप की पूजा करती हैं।


मंदिर की पूजा सेवा से जुड़े वेदप्रकाश तिवाड़ी ने बताया कि जलसेन तालाब के किनारे पीरिया की कोठी पर नर्वदेश्वर महादेव का मंदिर करीब 500 वर्ष पुराना बताया जाता है। सफेद पत्थर पर तराशी गई महादेव-पार्वती की नंदी पर बैठी प्रतिमा को संत सिद्ध बाबा द्वारा स्थापित किया गया था।

खुले में छोटी सी छतरी में विराजित इस प्रतिमा का कमरा निर्माण करवा मंदिर बनवा दिया है। दूल्हेराजा महादेव के प्रति लोगों में आस्था है। सावन माह के शिव-पार्वती की संयुक्त रूप से अभिषेक कर बील्व पत्रों से शृंगार किया जाता है। मंदिर के पुजारी श्याम तिवाड़़ी ने बताया कि प्रति सोमवार को महादेव पार्वती की युगल प्रतिमा का मुकुट पहना कर शृंगार किया जाता है। लोगों को कहना है कि हिण्डौन के नर्वदेश्वर महादेव जैसी शिव-पार्वती के विवाह की प्रतिमा जबलपुर में नर्मदा नदी के किराने चौसठ योगिनी के आंगन में गोरीशंकर मंदिर में भी है।


बड़ी खबरें

View All

करौली

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग