
करौली.
महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा संचालन समिति की ओर से संचालित महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले की 191वीं जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं हुईं।
इसमें छात्र-छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिए तीन वर्गों में कुर्सी दौड़ व जलेबी दौड़ प्रतियोगिता हुईं।
पूर्व संध्या पर हुआ आयोजन
संस्था निदेशक प्रेमसिंह माली ने बताया कि बुधवार सुबह 7 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले की 191वीं जयंती के साथ में संविधान निर्माता व भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 127वीं जयंती मनाई जाएगी। इसमें कुर्सी दौड़ व जलेबी दौड़ के विजेता प्रतियोगियों को सम्मानित किया जाएगा। वार्षिक परीक्षाओं के चलते डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती तीन दिवस पूर्व ही विद्यालय में मनाई जाएगी।
प्रतियोगिताओं के ये रहे परिणाम
कुर्सी दौड़ छात्रा सीनियर वर्ग में प्रथम चंचल सैनी, द्वितीय कनक सैनी, जूनियर वर्ग में प्रथम प्रिया माली, द्वितीय संगीता प्रजापत और सब जूनियर वर्ग में प्रथम निशा चरणावत और द्वितीय पूजा प्रजापत रही। इसी तरह छात्र सीनियर वर्ग में प्रथम लकी वर्मा, द्वितीय राहुल मीना, जूनियर वर्ग में प्रथम सोनू प्रजापत, द्वितीय सौरभ चौधरी और सब जूनियर वर्ग में प्रथम योगेन्द्र और द्वितीय आशीष प्रजापत रहे।
जलेबी दौड़ छात्रा जूनियर वर्ग में प्रथम ममता माली एवं द्वितीय संगीता सैनी रही।
इसी तरह जलेबी दौड़ छात्र सीनियर वर्ग में प्रथम यजवेन्द्र सैनी, द्वितीय कन्हैया प्रजापत, जूनियर वर्ग में प्रथम राजेन्द्र सैनी एवं द्वितीय कान्हा सैनी रहे। इस अवसर पर संस्था प्रधान धर्मसिंह जेरिया, द्वितीय पारी प्रभारी हरीसिंह, व्याख्याता मनीषा, दुर्जन सिंह, माहिर खान, रविकान्त चतुर्वेदी, जूही सैनी, पूजा राजपूत, अखलेश शर्मा, दामोदर प्रजापत एवं अमृत लाल आदि मौजूद रहे।
इधर, रेललाइन फिर अटकी
राजस्थान सरकार अजमेर से टोंक के बीच बिछाई जाने वाली रेललाइन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से मुकर गई है।
सरकार को इस रेल लाइन के लिए नि:शुल्क भूमि और लागत का पचास फीसदी हिस्सा वहन करना था। अजमेर के सांसद रघु शर्मा के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लिखे गए पत्र के अनुसार उन्होंने लोकसभा में रेलमंत्री से यह पश्ïन पूछा था कि अजमेर से टोंक के बीच रेल लाइन बिछाने का कार्य कितना पूरा हो चुका है। जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस रेललाइन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है, इसलिए इस लाइन का कार्य अभी आरम्भ नहीं हुआ है।
अजमेर-टोंक के बीच संसाधन उपलब्ध कराने से मुकरी राज्य सरकार
सांसद ने पत्र में कहा है कि 2012-13 में तत्कालीन यूपीए सरकार के समय घोषित इस रेल लाइन को बिछाने के लिए रेलमंत्रालय और अशोक गहलोत सरकार के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें राज्य सरकार ने लाइन के लिए नि: शुल्क भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही लागत का पचास फीसदी हिस्सा देने का संकल्प किया था।
Published on:
11 Apr 2018 10:57 am

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