नादौती. बरसात से बाजरे व तिल की पकी फसल को नुकसान पहुंचा है। खास कर खेतों में पड़ी बाजरे बालियों के भीगने व अत्यधिक नमी के कारण कई जगह दान उग आया है तथा फफूंद भी लग गई है। कैमरी, कैमला, तेसगांव, खेडला, खेडली, कूंजैला, मिलकसरासय, ल्हावद, सोप, बागौर, गुडली, जिंदोकापुरा, ककला, बीलई, कैमा आदि गांवों के किसानों ने बताया कि पिछले दिनों हुई बरसात से खेतों में कटी रखी बाजरे की फसल खराब हो गई। दाना काला पड़ गया है। इसके अलावा बाजरे की कडवी भी काली पडऩे से पशुओं के लिए खाने योग्य नहीं रही। जिससे चारे का संकट भी रहने का अंदेशा है। तिल की फसल का भी नुकसान पहुंचा है। सोप, मिलकसराय, नादौती, कैमा आदि गांवों में किसानों ने बताया कि मौसम साफ नहीं रहा तो तिल की फसल में नुकसान अधिक होगा। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।