28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विदाई की चौखट पर मानसून, 23 वर्ष से नहीं छलका जगर बांध

Monsoon on the doorstep of farewell, Jagar dam has not spilled for 23 years बांधों में पानी की कम आवक, गर्मियोंं में जल संकट की रहेंगी चिंता

2 min read
Google source verification
विदाई की चौखट पर मानसून, 23 वर्ष से नहीं छलका जगर बांध

विदाई की चौखट पर मानसून, 23 वर्ष से नहीं छलका जगर बांध


हिण्डौनसिटी. सावन-भादौ के बीतने के बाद सरकारी तौर पर मानसून विदाई की चौखट पर आ गया है। पूरा चौमासा बीतने बाद भी जिले का दूसरा बड़ा जगर बांध अधभरा रहा गया है। 30.6 फीट भराव क्षमता के बांध में वर्तमान में गेज पर17.1 फीट पानी भरा है। जिले के दूसरे बांध भले ही लबालब हो गए हैं, लेकिन जगर बांध 23 वर्ष से अधभरा रह रहा है। वर्ष 1998 में बांध की वेस्टवीयर से पानी छलका था।


डांग क्षेत्र की केचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने की वजह से क्षेत्र के प्रमुख जल स्रोत जगर बांध में इस वर्ष भी अपेक्षित पानी की आवक नहीं हो सकी। बीते पांच वर्ष से अच्छी बारिश नहीं होने से पानी बांध की वेस्टवीयर वॉल को छू नहीं सका है। ऐेसे में मानसून के साढ़े तीन महीने में कैचमेंट एरिया से आया पानी बांध में पेटे में सिमट कर रह गया है। इससे आगामी गर्मियों में पेयजल संकट के हालात गंभीर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाकि डेड स्टॉक सीमा तक पानी आने से हिण्डौन शहर को जलापूर्ति देने के लिए बांध के पास लगे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नलकूप फिलहाल रिचार्ज हो सकेंगे। बांध के पास पटपरीपुरा में लगे नलकूपों से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति करता है। गौरतलब है कि गत वर्ष महज 8.9 फीट जल आवक होने से जनवरी माह में ही गेज पर बांध सूख गया था।

तीन दशक में पांच बार हुआ लबालब-
चौबीसा क्षेत्र का जगर बांध तीन दशक में महज पांच बार ही लबालब हुआ है। पूरा भराव होने के बाद भी जल आवक जारी रहने पर से बांध की वेस्टवीयर से जगर नदी में पानी छलका था। जलसंसाधन विभाग के फ्लड सेल प्रभारी के बिजेंद्र सिंह अनुसार वर्ष 1992,1994,1995,1996 व 1998 में बांध में लबालब हुआ था।

विशनसमद का आधा पानी बीता, न्यूटैंक व मोहनपुरा सूखा
जलसंसाधन विभाग के हिण्डौन उपखण्ड के टोडाभीम व नादौती तहसील क्षेत्र के बांधों में पानी की काफी कम आवक हुई है। स्थिति यह है कि मानसून के सीजन में ही विशनसमद बांध में आवक का आधा सूखने से महज 4 फीट पानी बचा है। वहीं न्यूटेंक महस्वा बांध में भराव हुआ 2.6 पानी सूख गया। जबकि मोहनपुरा बांध में इस बार पानी की आवक ही नहीं हुई।

इनका कहना है-

बांधों के कैचमेंट क्षेत्र में अपेक्षकृत कम बारिश होने जल आवक उसी अनुरूप हुई है। हालांकि जगर बांध में बीते तीन वर्ष की तुलना में जल भराव है। अभी मानसून सक्रिय है। कैचमेंट एरिया में बारिश होने पर बांध में जल आवक की उम्मीद है।
-शिवराम मीणा, सहायक अभियंता,
जल संसाधन विभाग, हिण्डौनसिटी

इन वर्षों में लबालब भरा बांध
वर्ष -----बारिश(एमएम) -----गेज(फीट)
1992 ----- 781 ----- 28.7
1994 ----- 851 ----- 27.9
1995 ----- 923 ----- 28.5
1996----- 915 -----26.9
1998 -----1117 -----28.5

फैक्ट फाइल
इस सीजन में बारिश (एमएम)
माह हिण्डौन जगर बांध टोडाभीम
जून 31 -26- 24 (15 जून से)
जुलाई- 219- 309- 124
अगस्त -150 -109- 64
सितम्बर -164 -111- 150
अक्टूबर- 10 - -------13(4अक्टूबर तक)
कुल 574----- 555----- 362


बांधों की स्थिति

बांध -----क्षमता(फीट)----- जल भराव
जगर -----30.6 -----17.1 फीट
विशनसमंद -----26 -----4 फीट
न्यूटैंक महस्वा----- 10.6 -----सूखा
मोहनपुरा -----16 -----सूखा