शीतलहर से ठिठुरे लोग, छाया कोहरा, लहलहाई फसल गुढ़ाचंद्रजी. पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज सर्दी ने लोगों के धूजणी लगा दी है। कोहरे का असर भी तेज हो गया है। जिससे सुबह दृश्यता कम रहती है। वाहन चालकों को हैडलाइट जलाकर गुजरना पड़ता है। माड़ क्षेत्र में खेतों पर सुबह ओस की बूंदे जमी नजर आ रही है। सुबह और शाम को शीतलहर का असर भी शुरू हुआ है। गांवों में लोग अलाव तापकर सर्दी से निजात पाने के जतन करते नजर आते हैं। तेज सर्दी से लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया है। इधर तेज सर्दी से फसल में रंगत आ गई है। सरसों की फसल लहलहा रही है वहीं गेहंू अब बेहतर तरीके विकसित होने लगा है। जिससे किसान खुश हंै। किसानों ने बताया कि तेज सर्दी से बेहतर पैदावार की उम्मीद है। फोटो केप्शन. गुढ़ाचंद्रजी. कोहरे के बीच टेम्पू में बैठकर जाते लोग। सर्दी में सब्जियों की छाई बहार, मंडी में हो रही बंपर आवक करौली. सर्दी के मौसम में इन दिनों मंडियों में सब्जियों की बहार छाई हुई है। हरी सब्जियों की बंपर आवक हो रही है। सुबह से ही मंडियों में सब्जी खरीदने वालों का तांता लगा रहता है। सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। किसी सब्जी के दाम बहुत कम है तो किसी के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे। मंडियों में बथुआ, पालक, मैथी आदि हरी सब्जियों की अच्छी आवक हो रही है। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि कुछ सब्जियां जिले के विभिन्न हिस्सों से आ रही है तो कुछ बाहर से मंगवाई जा रही है। लहसुन-अदरक के दाम नहीं कम लहसुन और अदरक सर्वाधिक महंगे चल रहे हैं। लहसुन करीब २८० रुपए किलो व अदरक के दाम १६० रुपए किलो तक है। ऐसे में सब्जियेां में लहसुन व अदरक का तड़का लगाने वालों को जेब अधिक ढीली करनी पड़ रही है। इसके अलावा शादी विवाह के सीजन के गाजर के हलवे के लिए गाजर की मांग भी अधिक बनी हुई है। ऐसे में क्वालिटी की गाजर के दाम भी ४० से ६० रुपए किलो व मटर के दाम ४० रुपए किलो तक चल रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि अभी सर्दी का असर अधिक नहीं है। यदि पाला जमने की स्थिति हुई तो सब्जियों के दाम बढऩे की संभावना है। क्योंकि तेज सर्दी से सब्जी खराब होने की आशंका रहती है। मंडी में बैगन, गोभी, लौकी, टिंडा, हरी मिर्च, नए आलू आदि की भी अच्छी आवक हो रही है।