
कमली ने खिलाया कमल, भाग्य ने दिया साथ , सपोटरा में लॉटरी में जीत कर मिली प्रधान की कुर्सी
कमली ने खिलाया कमल, भाग्य ने दिया साथ
सपोटरा में लॉटरी में जीत कर मिली प्रधान की कुर्सी
करौली जिले में सपोटरा पंचायत समिति के प्रधान पद की कुर्सी का निर्णय लॉटरी से हुआ। यहां पर प्रधान पद को लेकर
हुए दिलचस्प मुकाबले में कांग्रेस का भाग्य ने साथ न दिया तो हार का सामना करना पड़ा। 25 सदस्यों की पंचायत समिति में कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 तथा बसपा के 03 सदस्य निर्वाचित हुए थे।
एक निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुई।पंचायत मंत्री रमेश मीणा का क्षेत्र में कांग्रेस को अपेक्षित बहुमत नहीं मिलने से सपोटरा के प्रधान पद को लेकर उनकी प्रतिष्ठा जुड़ी हुई थी। कांग्रेस को यहां अपेक्षित बहुमत नहीं मिल पाने से प्रधान के चुनाव में सदस्यों के तोडफ़ोड़ की राजनीति यहां पर चली। यहां पर दो दिन से नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम चल रहा था। बुधवार को दो निर्वाचित सदस्यों के परिजनों ने कांग्रेस विरोधी खेमे के सदस्यों के खिलाफ अपहरण कर ले जाने की प्राथमिकी दर्जकराई थी। इसको लेकर रात में पुलिस ने बसपा के पदाधिकारी सहित कई स्थानों पर दबिश दी। इस पर पुलिस के खिलाफ भाजपा, बसपा सहित अन्य नेताओं का रोष उभरा था। इस मामले में मंत्री रमेश मीणा पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी लगाएगए। यहां कांग्रेस को हराने के लिएबसपा तथा भाजपा ने आपस में गठबंधन कर लिया था।गुरुवार को सुबह इस घटनाक्रम की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने भाजपा से निर्वाचित प्रत्याशी को अपने दल में शामिल करके प्रधान पद के लिए कांग्रेस का टिकट थमा दिया। भाजपा में कांग्रेस की सेंधमारी से भाजपा तथा बसपा के पदाधिकारी हतप्रभ रह गए। उधर निर्दलीय निर्वाचित हुई बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष की मां कमली को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया। भाजपा प्रत्याशी को अपनी ओर मिलाने से कांग्रेस की स्थिति मजबूत लगने लगी थी। लेकिन मतदान में 25 सदस्यों में से एक मत खारिज हुआ। इससे दोनों प्रत्याशियों को 12-12 मत मिलने पर लॉटरी के जरिए निर्णय की नौबत आ गई। लॉटरी से हुए निर्णय में भाजपा प्रत्याशी कमली विजयी घोषित हुई ।
Published on:
24 Dec 2021 12:39 pm
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