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Karauli: शव रखकर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का विरोध प्रदर्शन, करंट लगने से गई थी 3 युवकों की जान

Demand For Compensation And Action: करौली में 11 केवी विद्युत लाइन टूटने से तीन युवकों की मौत के बाद लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
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Three men in different portraits.

मृतकों का फाइल फोटो: पत्रिका

3 Karauli Youths Died Due To Electric Shock: करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र के निसूरा गांव के भोपुर के पास गंभीर नदी एनीकट क्षेत्र में सोमवार को 11 केवी विद्युत लाइन टूटने से 3 युवकों की मौत के मामले में मंगलवार को भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। हादसे के बाद घटनास्थल पर सुबह से ही मृतकों के शव रखकर परिजन और ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत निगम की लापरवाही के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

3 युवकों की हुई थी दर्दनाक मौत

जानकारी के अनुसार सोमवार को करौली जिले के भोपुर गांव के पास एक ही परिवार के 3 युवक रामबाबू जाटव (45), चौबे जाटव (45) और विष्णु जाटव (22) हिण्डौनसिटी से मजदूरी करके बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में टूटी पड़ी 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।

घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर ही मिट्टी डालकर आग पर काबू पा लिया था लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। हादसे की सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और स्थिति का जायजा लिया था। हालांकि अगले दिन से ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया।

मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर मौजूद रहे और शवों को रखकर प्रदर्शन करते रहे। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर 11 केवी विद्युत लाइनें जर्जर हालत में झूल रही हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं की जाती। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत निगम की लापरवाही के कारण ये दर्दनाक हादसा हुआ है जिसमें 3 लोगों की जान चली गई।

50-50 लाख रुपए के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

धरने पर बैठे ग्रामीणों की मांग है कि मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा जिम्मेदार विद्युत निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। मृतकों के घरों में भी मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन की ओर से समझाइश के प्रयास जारी हैं लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।