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राजस्थान चुनाव 2023: जानिए 70 साल में करौली जिले से कितनी महिलाएं पहुंचीं विधानसभा

Rajasthan Election 2023 : राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भले ही संसद में नारी वंदन विधेयक लाया गया है। लेकिन धरातल पर राजनीति में महिलाओं को सशक्त भागीदारी देने के प्रति राजनीति पार्टियां भी गंभीर नहीं हैं।

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करौली

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Nupur Sharma

Oct 28, 2023

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भले ही संसद में नारी वंदन विधेयक लाया गया है। लेकिन धरातल पर राजनीति में महिलाओं को सशक्त भागीदारी देने के प्रति राजनीति पार्टियां भी गंभीर नहीं हैं। बीते 70 साल में 15 बार हुए विधानसभा चुनाव में करौली जिले में चार विधानसभा क्षेत्र से तीन महिलाएं ही विधायक बन कर विधानसभा में पहुंच सकी हैं। जो अपने क्षेत्रों में पहली महिला विधायक बनीं है। जबकि टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र से अब तक महिला विधायक नहीं चुनी गई है। यहां से किसी पार्टी ने महिला को प्रत्याशी बना कर चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं दिया।

आजादी के बाद वर्ष 1952 से वर्ष 2018 तक विधानसभा चुनाव में सपोटरा, करौली व हिण्डौन से महिला प्रत्याशी विधायक निर्वाचित हुई हैं। इनमें कमला मीणा, रोहिणी कुमारी व राजकुमारी जाटव विधानसभा में पहुंची हैं।

कांग्रेस से कमला मीणा एक मात्र महिला विधायक बनी है। जबकि भाजपा के टिकट पर रोहिणी कुमारी व राजकुमारी ने जीत दर्ज की थी। विधायक रहीं तीनों महिलाएं खुद को रिपीट नहीं कर सकी है। 1998 में सपोटरा से कांग्रेस टिकट पर जीती कमला मीणा ने 2003 में टिकट कटने पर निर्दलीय भाग्य आजमाया, 2008 में करौली से भाजपा की विधायक रोहिणी कुमारी को पार्टी ने 2013 में भी उम्मीदवार बनाया था। लेकिन सफल नहीं हो पाई। वहीं हिण्डौन में भाजपा ने 2018 में मौजूदा विधायक राजकुमारी जाटव का टिकट काट दूसरे महिला चेहरे मंजू खैरवाल को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह भी जीत नहीं सकीं।

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कांग्रेस की बनी पहली महिला प्रत्याशी व विधायक: जिले में कांग्रेस पार्टी से पहली महिला प्रत्याशी और विधायक बनी। दोनों का नाम कमला होने का भी संयोग रहा। वर्ष 1990 तक के विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी नहीं रही। वर्ष 1993 में कांग्रेस ने हिण्डौन से कमला कोली को पहली बार प्रत्याशी बनाया था। हालांकि निर्दलीय के तौर पर चंदा देवी भी चुनावी मैदान में रहीं। वहीं सपोटरा से वर्ष 1998 में कमला मीणा कांग्रेस के टिकट पर जीतकर जिले की पहली महिला विधायक बनीं।

11 महिलाओं को मिले टिकट: जिले की चारों विधानसभा सीटों पर सात दशक में राजनीतिक दलों ने 10 महिलाओं को अलग चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। इनमें कांग्रेस ने दो व भाजपा ने 8 महिलाओं को टिकट दिए थे। इनमें से कांग्रेस की एक और भाजपा की दो महिलाएं विधायक चुनी गई। बसपा ने भी 2008 में हिण्डौन से पूर्व मंत्री शशीदत्ता को प्रत्याशी बनाया था। चारों सीटों पर अब तक कुल 31 महिलाएं भाग्य आजमा चुकी हैं।

चुनाव वर्ष-कुल उम्मीदवार-महिला उम्मीदवार-जीती
1990-43-0-0
1993-37-2-0
1998-43-2-1
2003-28-2-0
2008-48-9-1
2013-45-9-1
2018-44-7-0