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कीजिए, योग ही है जो आहार-विहार के असंतुलन से हुए रोगों का दुष्प्रभाव आयुर्वेद बिना ठीक कर देता है

राजस्थान के करौली में चल रहे योग एवं संस्कार शिविर में पहुंचे विख्यात योगगुरू, सबने माना—योग रोगों से शरीर स्वस्थ रखता ..

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करौली

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Vijay ram

Jan 21, 2018

rajasthan girls and boys did yoga with guru

करौली/हिण्डौनसिटी.
राजस्थान के सूरौठ के नेहरू मैमोरियल पब्लिक स्कूल में चल रहे दो दिवसीय योग एवं संस्कार शिविर का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. घनश्याम शर्मा ने कहा कि योग रोगों से शरीर स्वस्थ रखता है और संस्कार व्यसनों को दूरे कर समाज को सेहतमंद रखता है।

योग का बताया महत्व
शरीर और समाज के स्वस्थ रहने पर ही देश का विकास संभव है। सरस्वती मां के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए समारोह में समापन डॉ.शर्मा ने आयुर्वेद और योग रोगोपचार में परस्पर पूरक बताया। उन्होंने कहा कि योग क्रियाओं के जरिए व्यक्ति को बीमार होने से बचाता है। वहीं आहार-विहार के असंतुलन से हुए रोगों का आयुर्वेद बिना दुष्प्रभाव ठीक करता है। अतिरिक्त निदेशक ने योग प्रशिक्षुओं को ऋतु के अनुसार आहर-विहार के बारे भी बताया।

योग एवं संस्कार शिविर का समापन
समारोह में विशिष्ट अतिथि सूरौठ थाना प्रभारी शरीफ अली ने योग और संस्कार शिविर आयोजन को अच्छी पहल बताया। संस्था प्रधान ऋषि चौधरी ने बताया कि शिविर में योग प्रशिक्षक योगेश शास्त्री व अजमेर से आए आचार्य रविशंकर ने बच्चों एवं अध्यापकों को योगाभ्यास कराया। समारोह में रघुराज बेनीवाल, पुरुषोत्तम शर्मा, मधुसूदन शर्मा ने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व विद्यालय परिवार ने अतिरिक्त निदेशक व अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। समापन कार्यक्रम में बच्चों ने योग का प्रदर्शन भी किया।