
Rajasthan: खेती के लिए कीटनाशक दवा की दुकान खोलने के लिए अब कृषि का डिप्लोमा करना अनिवार्य होगा। कृषि विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके बिना कीटनाशक दवा नहीं बेच पाएंगे। मौसम के अनुकूल नहीं रहने से रबी व खरीफ की फसलों में कीट व व्याधियों का प्रकोप बना रहता है। पौधों की जड़ों में दीमक तो पत्तियों में लट या सरसों की फलियों में चेंपा, लीफ माइनर सहित फसलों में कई प्रकार के कीट लग जाते हैं। जिससे फसलों के बचाव के लिए कीटनाशक दवाएं छिड़की जाती है। इन दवाओं को बेचने के लिए संबंधित डिप्लोमा व लाइसेंस की जरूरत होगी।
कई लोग बिना लाइसेंस व डिप्लोमा के कीटनाशक बेचने की दुकान खोल लेते हैं। लेकिन अब ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। इसलिए है जरूरी बिना जानकारी के कीटनाशक दवा बेचने पर कई बार किसानों को गलत दवा दे दी जाती है। जिससे उसका गलत प्रभाव पडऩे से खेती में नुकसान हो जाता है वहीं पशुओं व किसानों के संपर्क में आने से उनकी जान को भी खतरा रहता है। इन दवाओं का असर लंबे समय तक बना रहता है।
ऐसे में सही दवाओं की बिक्री के लिए प्रशिक्षण प्राप्त व अनुभवी लोग ही कीटनाशक दवाओं की दुकान खोल सकेंगे। सहायक कृषि अधिकारी कैलाश चंद्रवाल ने बताया कि कीटनाशक दवा बेचने के लिए दुकानदार को इससे संबंधित कोर्स करना अनिवार्य होगा। सभी दुकानदारों को कृषि विभाग द्वारा डिप्लोमा होना जरूरी है। अन्यथा दुकानदार का लाइसेंस निलंबित हो जाएगी।
Published on:
30 Nov 2023 02:11 pm
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