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राजस्थान रोडवेजकर्मियों ने धरना देकर कोसी सरकार

Rajasthan roadways workers staged a sit-in by the governmentरोडवेज श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किया प्रदर्शन

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राजस्थान रोडवेजकर्मियों ने धरना देकर कोसी सरकार

राजस्थान रोडवेजकर्मियों ने धरना देकर कोसी सरकार


हिण्डौनसिटी.
राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को रोडवेज कर्मियों ने हिण्डौन डिपो के मुख्य द्वार पर धरना दिया। इस दौरान श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों ने रोडवेज विरोधी नीतियों को लेकर राज्य सरकार को कोसा। साथ ही नारे लगा कर विरोध जताया। दो दिवसीय विरोध के तहत गुरुवार को दूसरे दिन भी डिपो के बाहर धरना दिया जाएगा।
संयुक्त मोर्चा के स्थानीय संयोजक पूरण शर्मा ने बताया कि 11 सूत्री मांगों को लेकर रोडवेज श्रमिक संगठन एटक, इंटक, कल्याण समिति,सीटू व आरएसआटीसी रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा संयुक्त मोर्चा बना कर त्रिमासिक संघर्ष के तहत प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के छठवे चरण में बुधवार से दो दिवसीय धरना शुरू किया। पहले दिन एटक अध्यक्ष धारासिंह गुर्जर व एसोएिएशन अध्यक्ष महेश चंद शर्मा की अगुवाई में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धरना दिया गया। प्रदर्शन के दौरान रूप सिंह धाकड़, सत्यवीर डागुर, मानसिंह, तेजसिंह वर्मा, सरदार सिंह बैंसला, महेंद्र चौधरी, खूबीराम, गजानंद गुप्ता, देवेंद्र शर्मा, रामदयाल राणा, जियालाल, प्रहलाद शर्मा, मदन मोहन गुप्ता, चिरंजीलाल, आदि कर्मचारियों ने विचार व्यक्त किए।


ये हैं मांग
संयुक्त मोर्चा के संयोजक शर्मा ने बताया कि रोडवेज कर्मियों द्वारा प्रदेश भर में माह के प्रथम कार्य दिवस को कार्मिकों को वेतन व सेवानिवृतों को पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने, वर्ष 2016 के अगस्त माह के बाद सेवानिवृत्त हुए 5000 से अधिक कर्मचारियों को बकाया राशि का एक साथ भुगतान किए जाने, रोडवेज में विभिन्न संवर्गों में नई भर्ती करने, सातवां वेतनमान लागू करने, अवैध यात्री वाहनों का संचालन रोकने, रोडवेज बस स्टैण्डों के पास से निजी व अवैध यात्री वाहनों के हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि मांगें नहीं मानने पर एक से 20 सितम्बर पर रोडवेज डिपो बाहर गेट मीटिंग की जाएंगी। वहीं 25 व 26 सितम्बर को दो दिवसीय धरना दिया जाएगा। अंत में 27 सितम्बर को रोडवेज बसों को चक्का जाम किया जाएगा।