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राजस्थान में यहां ग्रामीण 25 सालों से नहीं कर रहे मतदान, आखिर क्या है मांग? जानें

हिंडौन क्षेत्र का रीठौली गांव ढाई दशक से मतदान का बहिष्कार कर रहा है। मांग पूरी नहीं होने पर रीठौली के लोगों ने गत पांच चुनावों से पंचायत चुनाव में मतदान में भाग नहीं लिया।

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Reetholi village of Hindaun area of ​​Rajasthan is not voting for 25 years, know their demands

ज्ञापन के साथ ग्रामीण

करौली। हिण्डौन क्षेत्र के रीठौली गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण यहां कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर रीठौली को ग्राम पंचायत बनवाए जाने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार इस मांग को लेकर ग्रामीण पिछले पांच चुनावों से पंचायत चुनावों में मतदान नहीं कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व सरपंच पप्पूराम मीना व अन्य ने सौंपे ज्ञापन में बताया पूर्व में रीठौली गांव गांवड़ा मीना पंचायत था। वर्ष 1995 में रीठौली को गांवड़ा मीणा ग्राम पंचायत से हटा कर टोडूपुरा में जोड़ दिया था।

गत पांच चुनावों से पंचायत चुनाव में किया मतदान का बहिष्कार

लेकिन मतदान को लेकर हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने अपने गांव को अलग से पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग उठाना शुरू कर दिया। मांग पूरी नहीं होने पर रीठौली के लोगों ने गत पांच चुनावों से पंचायत चुनाव में मतदान में भाग नहीं लिया। ज्ञापन में बताया है कि राजस्व ग्राम रीठौली में 2011 की जनगणना के अनुसार 1865 की आबादी है। अलग से पंचायत के लिए सभी मापदण्ड भी पूरे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत के अभाव में ग्रामीणों को राज्य सरकार की विकास योजनाओं का समुचित लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में रीठौली को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन में रीठौली को ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं मिला तो ग्रामीण आगामी चुनावों में भी मतदान का बहिष्कार जारी रखेंगे।

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