
व्यापारियों के विरोध को दरकिनार कर हो रहा पुरानी सड़क के ऊपर सड़क का निर्माण,व्यापारियों के विरोध को दरकिनार कर हो रहा पुरानी सड़क के ऊपर सड़क का निर्माण,व्यापारियों के विरोध को दरकिनार कर हो रहा पुरानी सड़क के ऊपर सड़क का निर्माण
हिण्डौनसिटी. 'पंचन को फैंसला सर-माथे, पर पंडारो तो यहीं दकेगो' जगरोटी क्षेत्र में सालों से प्रचलित यह ठेठ देहाती कहावत यहां के सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं पर ठीक बैठती है। क्योंकि मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत स्वीकृत जिस सड़क का निर्माण व्यापारियों के विरोध के कारण थमा हुआ था, उसे फिर से बनाया जा रहा है। वह भी रात के अंधेरे में मन मुताबिक तरीके से। ऐसे में बाजार के व्यापारी फिर से विरोध की तैयारी में लामबंद होने लगे हैं।
दरअसल शहर के हद्र्धय स्थल चौपड़ सर्किल से डैपरोड़ व हनुमान टॉकीज होकर शहर वासियों की आस्था के केन्द्र श्रीहरदेव जी मंदिर तक 1600 लाख रुपए की लागत से 1600 मीटर लबी सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। संवेदक की ओर से एक पखवाड़ा पहले सड़क का निर्माण कार्य आरंभ किया, तो दुकानदारों ने पुरानी सड़क के उपर नई सड़क बनाने का विरोध बाजार बंद रखकर किया था।
व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम से लेकर कलक्टर तक से मुलाकात कर पुरानी सड़क की खुदाई कर फिर से नई सड़क बनाए जाने की मांग रखी। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और दुकानदारों के बीच हुई वार्ता में पुरानी सड़क की खुदाई कराने के बाद नई सड़क का निर्माण कराने पर समझौता हुआ था। लेकिन अब फिर से पुरानी सड़क पर नई सड़क की परत चढाई जा रही है। विशेष बात यह है कि रात के समय पूरा शहर जब नींद में सो रहा होता है, तब अंधेरे में संवेदक द्वारा सड़क का निर्माण किया जाता है।
हालांकि इसके पीछे पीडब्ल्यूडी के अभियंताओ का तर्क यह है कि अगर दिन में सड़क निर्माण किया गया, तो बाजारों में आमजन के साथ दुकानदारों को भी परेशानी होगी। लेकिन बड़ी बात यह है कि रात के समय बनाई जा रही सड़क की निगरानी अभियंताओं द्वारा नहीं की जा रही। कभी-कभार कुछ देर के लिए अभियंता मामूली मौका देख जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। जिससे 1600 लाख रुपए के बजट से बनाई जा रही शहर के मुय बाजार की इस सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजिमी है।
इधर ऊंची, उधर नीची सड़क-
नगरपरिषद कार्यालय के सामने से सिटी डिस्पेंसरी तक बिना खुदाई किए बनाई जा रही सड़क का लेवल करीब एक फीट ऊंचा हो गया है। जबकि व्यापारियों के विरोध के बाद डैंपरोड से तांगा स्टेण्ड़ तक खुदाई कर बनाई जा रही सड़क का लेवल इतना ही नीचा हो गया। जिससे सड़क उंची और दुकानों के साथ फुटपाथ नीचे हो गए है। ऐसे में बाजार में जलभराव की आशंका बलवती हो गई। दुकानदारों को बारिश के मौसम में अपनी दुकानों में पानी भरने से होने वाले नुकसान की आशंका से अभी से सताने लगी हैं। सड़क का लेवल उंचा होने से सेनीटेशन (स्वच्छता) संबंधित की समस्या के साथ ही नालियां भी अवरुद्ध होंगी।
अतिक्रमण के नाम पर डराने का आरोप-
शहर के दुकानदार स्थानीय प्रशासन और नगरपरिषद पर दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर डराने-धमकाने का आरोप लगाने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि पिछले दिनों एसडीएम के निर्देश पर नगरपरिषद के दस्ते द्वारा बाजारों में अतिक्रमण हटाने की जो कार्रवाई की गई, वह उन्हें भयभीत करने के लिए थी। आरोप हैं कि जिन दुकानदारों ने पुरानी सड़क पर नई सड़क की परत चढाने का विरोध किया था, उनको शासन की ओर से निशाने पर लिया गया है। उनकी दुकानों के सामने ही टीनशैड और अतिक्रमण हटाने की अधिक कार्रवाई हुई।
सड़क का विभागीय रोड़मैप-
पीडब्ल्यूडी सूत्रों के अनुसार 1.60 करोड़ की लागत से 1600 मीटर लबाई में बनाई जाने वाली सड़क में से 480 मीटर सड़क की चौडाई 12 मीटर रहेगी। जबकि पुरानी आबादी क्षेत्र की शेष सड़क 3.75 मीटर चौडाई में बनेगी। तकमीना के अनुसार पुरानी सड़क के 60 प्रतिशत हिस्से को तोड़कर फिर से नई सड़क का निर्माण कराया जाना है। सड़क की खुदाई 6 इंची गहराई तक की जानी है।
इनका कहना है-
बिना खुदाई किए सड़क का निर्माण कराना गलत है। इससे बाजार की दुकानों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होगी। व्यापारियों ने पहले विरोध किया था, जिस पर प्रशासन व पीडब्ल्यूडी की ओर से दुकानदारों को न्याय संगत सड़क बनाए जाने का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन अब अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन द्वारा दुकानदारों को डराया जा रहा है, जो निंदनीय है।
अनिल गोयल, अध्यक्ष परचून-किराना संघ, हिण्डौनसिटी।
सड़क का निर्माण विभागीय नियम और तकमीना के हिसाब से ही कराया जा रहा है। व्यापारियों की समस्या को ध्यान में रख कर पूरा काम किया जा रहा है।
शिवकेश मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, हिण्डौनसिटी।
Published on:
21 Feb 2022 11:22 pm
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