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आज से फिर गूंजेगी शहनाइयां, देवउठनी पर शुरू होंगी शादियां

करौलीञ्च पत्रिका. पांच माह बाद देवउठनी एकादशी पर गुरुवार से फिर शहनाई गूंजेगी। देवउठनी एकादशी पर विवाह समारोह का बड़ा सावा होने से बंपर शादियां होगी। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। मैरिज होम, डीजे, हलवाई, फूल विक्रेता आदि ने तैयारी पूरी कर रखी है। मैरिज होम कई माह पहले से ही बुक है। वहीं डेकोरेशन, बैण्ड बाजे की भी एडवांस बुङ्क्षकग है। विवाह समारोह के चलते बाजार में अ'छी खासी भीड़ है। देवउठनी एकादशी से 15 दिसम्बर तक ही विवाह का मुहुर्त रहेगा। इसके बाद एक माह तक मलमास के चलते फिर विराम लग जाएगा। ऐ

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आज से फिर गूंजेगी शहनाइयां, देवउठनी पर शुरू होंगी शादियां

आज से फिर गूंजेगी शहनाइयां, देवउठनी पर शुरू होंगी शादियां

आज से फिर गूंजेगी शहनाइयां, देवउठनी पर शुरू होंगी शादियां करौलीञ्च पत्रिका. पांच माह बाद देवउठनी एकादशी पर गुरुवार से फिर शहनाई गूंजेगी। देवउठनी एकादशी पर विवाह समारोह का बड़ा सावा होने से बंपर शादियां होगी। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। मैरिज होम, डीजे, हलवाई, फूल विक्रेता आदि ने तैयारी पूरी कर रखी है। मैरिज होम कई माह पहले से ही बुक है। वहीं डेकोरेशन, बैण्ड बाजे की भी एडवांस बुङ्क्षकग है। विवाह समारोह के चलते बाजार में अ'छी खासी भीड़ है। देवउठनी एकादशी से 15 दिसम्बर तक ही विवाह का मुहुर्त रहेगा। इसके बाद एक माह तक मलमास के चलते फिर विराम लग जाएगा। ऐसे में मुहुर्त रहते लोगों को विवाह आदि कार्यक्रमों को निपटाने की जल्दी है। बसों में चल रही भीड़ : शादी विवाह के मद्देनजर यातायात के साधनों में भारी भीड़ नजर आ रही है। लोगों का कार्यक्रमों में आने जाने के चलते भीड़ बढ़ गई है। बस स्टैण्ड पर रोडवेज हो या प्राइवेट सभी बसों में भीड़ चल रही है। इसके अलावा अन्य निजी साधन कार आदि की बुक हो चुके हैं। दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव के लिए मतदान भी है। ऐसे में वाहनों में यात्रियों का दबाव अधिक दिख रहा है। महंगाई का दिख रहा असर शादी विवाह के कार्यक्रमों पर महंगाई का असर भी दिख रहा है। डीजे, हलवाई, डेकोरेशन सहित विवाह से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं पिछले साल से महंगी दिख रही है। विवाह समारोह में होने वाली व्यवस्थाओं से जुड़े व्यवसायी भीअब व्यस्त नजर आ रहे हैं। सावों का सीजन शुरू होने से अ'छी आमदनी की उम्मीद है। बताशे बनाने का काम जोरों पर शादियों में मांगलिक गीत गाने के दौरान महिलाओं को बताशे बांटे जाते हैं। जिसकी परम्परा सैकड़ों सालों से चली आ रही है। शादियों में बताशों का खासा महत्व है। इसकी बिक्री भी जमकर होती है। ऐसे में शहर में बताशा बनाने वाले कारीगर भी व्यस्त है। कारीगर बताशे में बनाने में जुटे हुए हैं।