
किसान के बेटे ने आईएएस बन किया ऐसा काम, प्रधानमंत्री ने किया सम्मान
हिण्डौनसिटी. भारत सरकार के केन्द्रीय राजस्व एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद कार्यरत टोडाभीम उपखंड के पहाड़ी (नांगल शेरपुर) गांव निवासी आईएएस हुकुम सिंह मीणा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में सर्वोच्च सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें एक वर्ष में देश के 16 राज्यों में 3.50 करोड़ से अधिक को लाभान्वित करने के साथ ही16 हजार करोड़ का राजस्व एकत्रित करने के उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला है।
12 किमी पैदल चल जाते थे पढऩे
मीणा के छोटे भाई एवं कृषि विभाग में सहायक निदेशक मोहनलाल मीण ने बताया कि टोडाभीम के छोटे से गांव पहाड़ी में मध्यम वर्गीय किसान परिवार में जन्मे हु$कुम सिंह मीणा ने पांचवी तक की शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहाड़ी से अर्जित की। वहीं आठवीं तक की पढाई राणोली गांव के राउप्रावि में की। मीणा ने उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढाई के लिए प्रतिदिन 12 किलोमीटर पैदल यात्रा हिण्डौन के हाईस्कूल पहुंचते थे।
इंजीनियरिंग कर पहले प्रोफेसर, फिर बने आईएएस
उन्होंने यूनिवर्सिटी टॉप कर सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। प्रतियोगी परीक्षा देकर पहले कॉलेज व्याख्याता बने, फिर भारतीय इंजीनियरिंग परीक्षा में टॉप कर रेलवे में सेवाएं दी। काबिलियत के दम पर वर्ष 1991-92 में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ। बिहार कैडर में 10 वर्षो तक जिला कलक्टर समेत विभिन्न पदों पर रहे। फिर भारत सरकार में दूर संचार मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य किया। वर्तमान में उन्हें राजस्व एवं ग्रामीण विकास में अतिरिक्त सचिव के पद पर रहते हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ट सेवा सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहाड़ी गांव ही नहीं बल्कि मीणा समाज में खुशी का माहौल है।
Published on:
22 Apr 2022 12:45 pm

बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
