29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देवलेन में श्रीमद्भागवत कथा के लिए निकली कलश यात्रा

भागवत श्रवण से मिलती है पापों से मुक्ति
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

करौली

•

image

Dinesh Kumar Sharma

•

Updated: 7 May 2018, 2:51 PM IST

hindaun karauli patrika

देवलेन.श्रीमद भागवत कथा के लिए निकाली कलश यात्रा।

देवलेन(हिण्डौनसिटी). देवलेन गांव में रविवार से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के लिए कलश यात्रा निकाली गई। इसमेेंं काफी संख्या में महिलाओं ने कलशों के साथ भाग लिया।

कलश यात्रा में शामिल 151 महिलाएं मंगल गीत गाती चल रही थीं, वहीं धर्म के जयकारे गूंज रहे थे। इससे माहौल धर्ममय हो गया। ग्रामीण केदार देवलेन ने बताया कि भीमराज की पुण्यस्मृति में आयोजित कथा में पहले दिन कथावाचक सर्वेश्वर शरण ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए प्रवचनों में कहा कि भागवत कथा श्रवण से पापों से मुक्ति मिलती है।

साथ ही कथा श्रवण से सदैव अच्छे कर्म करने की प्रेरणा मिलती है। कथा सुनने से व्यक्ति की पापवृति का नाश हो जाता है। कथा में धुंधकारी व गोकर्ण की कथा का वृतांत भी सुनाया गया। 12 मई तक चलने वाली कथा का भंडारा 13 मई को होगा।

इसके साथ ही सूबेदार बृजवासी, प्रधानाध्यापक जसराज, भरतराम, बलवीर, निहाल, धीरा, हरिराम, लखन, जगराम, रत्तीराम, गोपीसहाय, रामवीर, ओमवीर आदि उपस्थित थे।

नवकार मंत्र के साथ धार्मिक विधान हुए
पटोंदा. कस्बा स्थित सैंकड़ों वर्ष पुराने जैन श्वेताम्बर भगवान महावीर स्वामी के जिनालय की नवकार मंत्रों के साथ जिनालय की शिला स्थापना की गई। पटोंदा सकल श्वेताम्बर मंदिर समिति अध्यक्ष बद्रीप्रसाद जैन, महेश जैन, सुशील जैन ने बताया कि कार्यक्रम के तहत इससे पूर्व गत 20 अप्रेल को खनन विधि संपन्न कराई थी।

आचार्य विजय रत्न सूरी, धैर्य सुन्दर विजय व आचार्य निर्मोह सुन्दर विजय की प्रेरणा से रविवार को जिनालय के पुनरुद्धार के लिए शिला स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इससे पहले श्वेताम्बर जिनालय में प्रातबैला में पूजा, पंचामृत अभिषेक हुए। साढ़े आठ बजे शिला स्थापना कार्यक्रम नवकार मंत्र व मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न हुआ। दोपहर में स्वामी वात्सल्य कार्यक्रम हुआ।

इस दौरान सकल जैन श्वेताम्बर के दीपक जैन, वासुदेव जैन, अनीश जैन, मनीष जैन, महेश जैन, कंचन जैन, अचल कुमार जैन, जैनीलाल जैन, रविद्र जैन, बाबू जैन, शिखर चंद, राजेंद्र जैन, मनोज जैन सहित पटोंदा सकल जैन समाज के लोग मौजूद थे।