
करौली/पटोंदा.
राजस्थान में कई स्थानों पर जलस्तर बहुत नीचे चला गया है। 40—50 फीट नीचे भी पानी नहीं होने से दर्जनों हैंडपंप और कुएं सूखे पडे हैं।
पटोंदा पंचायत क्षेत्र में ऐसे बहुत से गांव हैं जहां जनता जल योजना के तहत स्थापित नलकूप बंद पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण पेयजल समस्या से त्रस्त हैं। कजानीपुर व खेड़ीचांदला में पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं ग्राम पंचायत व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जलापूर्ति के प्रति गंभीरता नहीं दर्शाई जा रही।
क्षेत्र में अभी तक टेंकरों से जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। पंचायत में कई हैंडपंप तकनीकी खराबी से बंद पड़े हैं। पंचायत क्षेत्र में स्थापित करीब एक दर्जन हैंडपंप हैं, वहीं कई का जलस्तर रसातल को चला गया है। जनता जल योजना के तहत स्थापित नलकूप बंद पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण पेयजल समस्या से त्रस्त हैं।
सरपंच के घर खड़ा सांसद कोष का टेंकर
गर्मी के मौसम में पेयजल आपुर्ति के लिए सांसद मनोज राजोरिया के सांसद कोष से पटोंदा पंचायत के लिए एक टेंकर उपलब्ध कराया गया, लेकिन यह टेंकर सरपंच के घर के पास ही खड़ा है। हालांकि उसमें पानी भरा जा रहा है।
ग्रामीण संतोष, राजेश, बबलू आदि ने बताया कि गांव में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। कई बार कहने के बाद भी टेंकर से गांव में जलापूर्ति नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर गांव में टेंकर से जलापूर्ति की मांग की है।
इधर इस बारे में ग्राम पंचायत सरपंच शोभारानी कोली का कहना है कि सांसद कोष से दिए गए टेंकर की कमानी टूटी हुई है, वहीं उसमें कम्प्रेशर नहीं होने से पेयजल आपुर्ति नहीं हो पा रही। शीघ्र ही पेयजल किल्लत वाले मोहल्लों में टेंकरों की मांग भेजी जाएगी।
पक्षियों के लिए बांधे परिण्डे
सूरौठ.कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्टाफ की ओर से रेलवे स्टेशन व बूडन्दे बाबा मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए परिण्डे लगाए गए। प्रधानाचार्य गोपाल सिंह डागुर ने बताया कि परिण्डों में नियमित जल भरने की जिम्मेदारी कर्मचारियों ने ली है। इस मौके पर रंगीलाल मीणा, विजयसिंह मीणा, विश्राम मीणा, लक्ष्मण मित्तल, दीनदयाल शर्मा आदि मौजूद थे।
Published on:
12 May 2018 05:29 pm
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