20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन साल बाद भी बीएड का रिजल्ट नहीं हुआ घोषित, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन लगातार गुमराह कर रहा है, वहीं कॉलेज प्रबंधन यूनिवर्सिटी पर ठीकरा फोड़ रहा है।

2 min read
Google source verification
Protest

कासगंज। सोमवार को बीके जैन इंस्टीट्यूट में अध्यनरत बीएड के छात्र, छात्राओं ने अभिभावकों संग रिजल्ट न आने के कारण विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने बीके जैन इंस्टीट्यूट प्रशासन पर धोखाधड़ी कर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ जानबूझ कर खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।


कोर्ट में भी की है अर्जी दाखिल

आपको बता दें कि बीके जैन इंस्टीट्यट स्थापना के दौरान से ही विवादों के घेरे में है। अब एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जब बीएड 2013/14 सत्र में अध्यनरत छात्र, छात्राओं के साथ अभिभावक इंस्टीट्यूट पहुंच गए। जहां उन्होंने इंस्टीट्यूट के प्रबंध तंत्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। उधर इस मामले की भनक लगते ही एबीवीपी कार्यकर्ता भी इंस्टीट्यूट पहुंच गए और प्रिंसीपल प्रदीप कुमार गुप्ता से वार्तालाप की। इस दौरान इंस्टीट्यूट और छात्रनेताओं के बीच नोंकझोक भी हुई। प्रदर्शनकारी छात्र छात्राओं के अभिभावक की मानें तो इंस्टीट्यूट में बीएड वर्ष 2013/ 14 में प्रवेश लिया था, लेकिन उनका रिजल्ट आज तक नहीं आया। जानकारी करने पर इंस्टीट्यूट प्रशासन आज कल कह कर टाल मटोल कर रहा है।आरोप है कि इंस्टीट्यूट में मात्र 50 सींटे बीएड की निर्धारित थीं लेकिन विद्यालय प्रशासन द्वारा 100 एडमिशन कर लिये गए। इस कारण 50 छात्र, छात्राओं का रिजल्ट आज तक अधर में लटका है। जिससे विद्यार्थियों का भविष्य भी अंधकार में है। उन्होंने काॅलेज प्रशासन पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। बीएड छात्रा से वार्ता की गई तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आज तक काॅलेज रिजल्ट के बारे में टालता चला आ रहा है। इस मामले में कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है, जिसमें काॅलेज की लापरवाही सामने आ रही है।


एबीवीपी ने तालाबंदी की दी चेतावनी

जब इस मामले में इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल प्रदीप कुमार गुप्ता से वार्तालाप की गई तो उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा कि हम छात्रों के रिजल्ट के लिए हाईकोर्ट तक गए हैं। प्रिंसिपल ने इसके लिए पूरा ठीकरा यूनिवर्सिटी पर फोड़ते हुए कहा कि यह समस्या पूरे यूपी में है। हमें मैनेजमैंट कोटे से पचास परसेंट तक एडमीशन लेने का अधिकार था। उधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री विकास यादव ने बताया कि यह इंस्टीट्यूट का पहला मामला नहीं है कई बार विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ होती रही है। अगर इंस्टीट्यूट प्रशासन ने जल्द ही निर्णय नहीं लिया, तो इंस्टीट्यूट में तालाबंदी कर धरना देंगे।