
कासगंज। केंद्र सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कितने भी दावे क्यों न करें, लेकिन उनके नीचे बैठे नुमाइंदे भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत कर लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं। ऐसा ही ताजा मामला कासगंज शहर की पंजाब नेशनल बैंक मैं देखने को मिला, जहां बैंक कर्मचारियों ने एक दलाल के माध्यम से फर्जी लोन कर पीड़ित को गारंटर बना दिया। पीड़ित को इस जालसाज की जानकारी तब हुई, जब लोन लेनदार द्वारा लोन जमा नहीं किया और उसको 14 लाख रूपए का नोटिस थमा दिया गया।
ऑयल कंपनी के नाम पर लिया लोन
मामला शहर की पंजाब नेशनल बैंक का सामने आया है। जहां बैंक कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा कर 14 लाख के लोन पर फर्जी तरीके से गारंटर बना कर लोन कर दिया, जब लोन लेने वाले ने बैंक का पैसा चुकता नहीं किया तो बैंक ने गारंटर को भी नोटिस जारी कर दिया। नोटिस को देख कर पीड़ित योगेश के होश उड़ गए और बैंक में पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। उसका कहना है कि उसने किसी के लोन में गारंटी ही नहीं ली, जबकि उस के घर नोटिस पहुंच गया है। बैंक कर्मियों के मुताबिक यह लोन अनिल कुमार वर्मा ने वर्मा आॅयल कंपनी के नाम पर 14 लाख रूपए का लोन पंजाब नेशनल बैंक से वर्ष 2014 में लिया था, जिसका गारंटर योगेश गौड़ और उनकी मां बना दिया गया है। फिलहाल पीड़ित ने उक्त जालसाजों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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Published on:
13 Apr 2018 10:31 pm
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