
कासगंज। जिले के रहने वाले और मथुरा के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ रहे छात्र ने प्रयोगात्मक परीक्षा में अयोध्या श्रीराम मंदिर का प्राइमरी प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्र ने जब राम मंदिर के निर्माण की डिजाइन की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बोर्ड आॅफ टेक्निकल एजूकेशन उत्तर प्रदेश से आए परीक्षक के समक्ष पेश की तो स्वीकारने में परीक्षक पशोपेश में पड़ गए। कश्मकश के बाद राम मंदिर का प्रोजेक्ट बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। यह प्रोजेक्ट बोर्ड में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कासगंज के पटियाली कस्बा का निवासी छात्र उदय मिश्रा मथुरा से गिर्राज महाराज पॉलीटेक्निक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। कॉलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा में सभी छात्रों को निर्माण के प्रोजेक्ट बनाने को कहा गया था। कॉलेज में छात्रों ने तरह-तरह के निर्माण प्रोजेक्ट मॉडल बनाए, लेकिन छात्र उदय मिश्रा ने अपने निर्माण का मॉडल अयोध्या का श्रीराम मंदिर का डिजाइन चुना। इस प्रोजेक्ट पर उदय के साथ टीम में आकाश कुमार और राहुल डांगर ने काम किया। प्रोजेक्ट को बोर्ड से आए परीक्षक ललित कुमार के समक्ष पेश किया गया। राम मंदिर का प्रोजेक्ट देख बोर्ड परीक्षक चौंक पड़े और इसे स्वीकारने में हिचकने लगे, लेकिन छात्रों के तर्क पेश करने के बाद बोर्ड ने प्रोजेक्ट को स्वीकार कर लिया। मंगलवार को छात्रों ने प्रोजेक्ट को कॉलेज की डायरेक्टर श्रीमती कृष्णा शर्मा के माध्यम से चेयरमैन गोपाल प्रसाद शुक्ला के पास भेजा। वहीं दूसरी ओर अयोध्या के राम मंदिर प्राइमरी प्रोजेक्ट को लेकर टेक्निकल बोर्ड में उच्च स्तर पर खलबली मची हुई है।
ये हैं प्रोजेक्ट की खासियत
1- राम मंदिर का आकर्षक एवं प्राचीन रूप
2- भूकंपरोधी भवन
3- सुरक्षा पटल
4- कंट्रोल रूम
5- धार्मिक थिएटर
6- रेस्ट रूम परिसर
7- धार्मिक आर्ट गैलरी
8- फूड कैंटीन
प्रोजेक्ट में रिमोर्ट सेसिंग
अयोध्या के श्रीराम मंदिर के प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में डिजाइन तैयार करने में छात्रों ने रिमोर्ट सेंसिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। आमतौर पर इस तकनीक का बड़े प्रोजेक्टों में इस्तेमाल किया जाता है। छात्र ने अस्सी पेज की रिपोर्ट तैयार की है।
Published on:
08 Jun 2018 09:32 am
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