कासगंज। 22 अगस्त को ईद पर्व से पहले कासगंज में एक बकरा चर्चा का विषय बना हुआ है। उसे खरीदने को लेकर होड़ मची हुई है और खरीदने के लिए 40 लाख रूपए की बोली लग चुकी है लेकिन बकरा पालक कमलेश इसे एक करोड़ रूपए से कम बैचने को तैयार नहीं है। जानिए, हमारी खास रिपोर्ट में कैसा है ये बकरा।
ये है बकरे की विशेषता
आपको बतादें कि लोगों को यह बकरा कुछ खास कारणों से लुभा रहा है। दरअसल इसके कान पर और पीठ पर कुछ ऐसी आकृतियां बनी हैं, जिन्हें देखकर लोग मान रहे हैं कि अल्लाह, इब्राहिम, त – अल्लाह जैसे शब्द लिखे हुए हैं। इन्हें देखने के लिए गांव में जानकारों को तांता लगा हुआ है। बकरा है कासगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला भूड़़ निवासी कमलेश नाम की महिला का है। कमलेश की मानें तो बकरे की कीमत 40 लाख रूपए लग चुकी है, लेकिन वह इसे एक करोड़ से कम नहीं बैचेंगी।
क्या है मान्यता
आपको बतादें कि बकरीद के पर्व पर बकरे की कुर्बानी देने का मुस्लिम समाज में खास महत्व है।कहानी के अनुसार एक बार इब्राहीम अलैय सलाम नामक एक व्यक्ति थे, जिन्हें सपने में अल्लाह का हुक्म आया कि वे अपने बेटे इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बान कर दें। यह इब्राहीम अलैय सलाम के लिए एक इम्तिहान था, जिसमें एक तरफ थी अल्लाह से मुहब्बत और एक तरफ था अल्लाह का हुक्म। इसीको लेकर अल्लाह ने बच्चे को हटाकर मेमन रख दिया, तभी से हर कोई अल्लाह इब्राहीम लिखा हुआ अच्छे से अच्छा बकरे की कुर्बानी देना चाहता है।