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आज दसवीं का रिज़ल्ट था। कविता मैम सुबह से टेंस थी। पता नहीं इस बार उसके स्कूल का कौन सा बच्चा फेल होने के कारण कोई ग़लत कदम उठा ले। पिछले साल ही स्कूल का सबसे हरफ़नमौला छात्र चिराग ने लोअर ग्रेड के कारण बड़े ही दर्दनाक ढंग से ख़ुदकुशी कर ली थी । वह स्कूल के बॉलीवॉल टीम का कैप्टन भी था। सौम्या ने भी एक सब्जेक्ट में फेल होने के कारण ख़ुदकुशी का प्रयास किया था। थैंक गॉड वह बच गयी थी।
ठीक चार बजे शाम को जब रिज़ल्ट ऑनलाइन हुआ, कविता मैम ने लिस्ट में सबसे पहले असफल स्टूडेंट्स और लोअर ग्रेड वाले छात्रों का नाम देखा। कुल चार नाम थे कनिष्क, मोहित, सुरभि और अनुपमा। उन्होंने तुरंत उन चारों को फोन किया। डियर, रिज़ल्ट में कुछ गड़बड़ी है, स्कूल को मैसेज आया है कि तुरंत आकर स्कूल के असेंबली हॉल में मिलो। मैम ने तुरंत वॉटसऐप के ज़रिए सभी सफल स्टूडेंट्स को भी फौरन स्कूल के असेंबली हॉल में इकट्ठा होने को कहा। अगले दो घंटे में असेंबली हॉल में करीब 55 स्टूडेंट्स बड़ी ही बेसब्री से मैडम की प्रतीक्षा कर रहे थे। एक बड़ा स्टेज सजाया गया था। कुर्सियाँ रखी गयी थी। गुलदस्ते रखे थे।
मैडम के आते ही हॉल में “ गुड ईवनिंग “, मैम का शोर उभरा। जिसमें बेहद खुशी कम खुशी और उदासी की मिली जुली आवाज़ें थी। स्कूल के और भी टीचर्स भी मंच पर थे।
मैम ने माइक लेकर बोलना शुरू किया- ” मेरे प्यारे स्टूडेंट्स, सॉरी फॉर रॉंग इन्फर्मेशन। रिज़ल्ट के गड़बड़ी की खबर मैंने केवल तुम सबको बुलाने के लिए दी थी। " मुझे सफल छात्रों से पहले चूक गये छात्रों से बात करनी हैं और मैं पहले बुलाना चाहूँगी उन स्टूडेंट्स को जो अगली बार पास होने वाले हैं। मुँह लटकाए एक-एक कर चारों छात्र-छात्राएँ स्टेज पर आ गये। कविता मैडम ने उन चारों को पहले शपथ दिलवाई कि पिछले साल के चिराग और सौम्या की तरह वे कोई ग़लत कदम नहीं उठाएँगे।
फिर उसने उन चारों का मुँह मीठा करवाया -" तुम चारों आज हार कर भी विजेता हो। तुम्हें एक हार नहीं तोड़ सकती। तुम्हें एक साल और अच्छे से तैयारी करके खुद को साबित करना है। तुम सब अपने-अपने घरों के सबसे अनमोल हीरे हो। पूछो चिराग की माँ से कि उन्हें चिराग चाहिए था या उसका उस साल सफल होना ज़रूरी था। वे आज भी बेटे के गम में रो रही हैं।
तुम्हें किसी से शर्माने की ज़रूरत नहीं कि तुम सब फेल हो गये या लोअर ग्रेड आया है क्योंकि पूरे देश में कल कितने हारे हुए बच्चे ( भगवान ना करे ) ख़ुदकुशी कर लेंगे मगर तुम चारों पूरे समाज को मैसेज दो कि तुम सब विनर हो, गले मैच के विनर ।
“ नाकामयाबी एक पड़ाव है, आख़िरी पड़ाव नहीं। इसके आगे निकल कर ही कई कामों में असफल रहा, कई चुनावों में हारा, एक अमरीकी। अमरीका का ऑल टाइम फ़ेवरेट प्रेसीडेंट अब्राहम लिंकन के नाम से जाना जाता हैं। हवाई जहाज़ों के निर्माता बंधुओं ने शुरुआत एक साइकिल की दुकान से की थी।
मैंने अपने कैरियर में 900 से ज्यादा शॉट्स मिस किये, करीब 300 मैचों में नाकाम रहा , 26 मौकों पर विनिंग शॉट्स गंवाए। मैं बार-बार नाकाम रहा मगर नाउम्मीद नहीं हुआ और इसी कारण मैं कामयाब भी रहा ” पता है यह किसकी कहानी है? द ग्रेटेस्ट बास्केट बॉल प्लेयर “ माइकल जोर्डन की “, भीड़ से आवाज़ आई।
एक लड़का जो रामेश्वरम में अख़बार बेचा करता था। जिसकी बनाई पहली मिसाइल फेल हो गयी थी, “ अब्दुल कलाम “ भीड़ से दूसरी आवाज़ आई।
“ और तुम लोग उस युवक के बारे में जानते होगे जिसे एक न्यूज़ पेपर के ऑफिस से “ लैक ऑफ इमॅजिनेशन एंड गुड आइडिया “ कहकर निकाल दिया गया था, मगर उसने सुसाइड नहीं किया बल्कि वॉल्ट डिज़्नी बना।
मैडम के उदाहरणों से असफल हुए स्टूडेंट्स के चेहरे पर छाई उदासी ख़त्म हो रही थी। “नाकाम होने के बाद भी हिम्मत टूटने नहीं देना, यह है "रियल विनर " की निशानी तो ऑडियेन्स बताओ आज का सच्चा विनर कौन है, भीड़ में से उन चारों के फ्रेंड्स ने खूब ज़ोर से कहा ..
कनिष्क
मोहित
सुरभि
अनुपमा.
असफलता का जश्न पहली बार देखा था और यह जश्न अपने उद्देश्य में सफल भी रहा।
सीख
नाकामयाबी में भी कामयाबी छिपी हुई है।
प्रस्तुतिः हरिहरपुरी, मठ प्रशासक श्रीमनःकामेश्वर मंदिर
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Published on:
21 Apr 2019 07:13 am
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