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कासगंज। मासूम बालिका लक्ष्मी की हत्या के मामले में पुलिस तांत्रिकों का सहारा ले रही है। 26 दिन बाद भी पुलिस के हाथ इस मामले में हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस अब तांत्रिकों से पूछ रही है, कि लक्ष्मी की हत्या कैसे हुई है।
कई पुलिस टीम जुटी मामले में
26 दिन बाद भी कासगंज पुलिस लक्ष्मी के हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है।सिढ़पुरा इलाके में सात वर्षीय लक्ष्मी की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। लक्ष्मी की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ 26 दिन बाद भी खाली है। यह मामला पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ है। हालांकि एसपी सुनील कुमार सिंह ने इस हत्याकांड से पर्दा हटाने के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है। इसके साथ ही सादा कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये था मामला
सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के किलौनी रनुऊ नगला निवासी प्रेमपाल की सात वर्षीय पुत्री लक्ष्मी अपने पिता के लिए 19 नवम्बर की सुबह खाना देने के लिए गई हुई थी। उसका पिता प्रेमपाल गरीब है और वह हथठेला लगाकर अपने परिवार को पालन पोषण करता है। इसी बीच बाइक सवार दो युवक आए और बच्ची को लालच देकर अपनी बाइक पर बैठा कर ले गए। उसका शव दूसरे दिन करनपुर स्थित बंद पड़े़ भट्टे पर लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला था। वहीं पास में चाकू और उसकी पाजामी भी उतरी हुई पड़ी थी, जिससे आशंका जताई जा रही थी कि लक्ष्मी की दुराचार के बाद हत्या की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस आशंका से पर्दा हटा दिया कि उसके साथ कोई दुराचार हुआ है। शातिर हत्यारों ने दूसरों पर हत्या की सुई देने के लिए कुछ साक्ष्य भी छोड़े थे।
लक्ष्मी की बलि तो नहीं दी गई
एसपी सुनील कुमार सिंह लक्ष्मी की हत्या तांत्रिक विद्या को लेकर मान रहे हैं। उन्होंने सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा हटाने के लिए सर्विलांस, इंटेलीजेंटस, क्राइम ब्रांच के अलावा तमाम तेज तर्रार महिला पुलिस को सदा कपड़ों में लगाया है। पुलिस इसे बलि देने के रूप में मान रही है। पुलिस ने क्षेत्र के तांत्रिकों के यहां दस्तक दे रही है। जल्द ही इस खुलासे से पर्दा हटाने की उम्मीद पुलिस द्वारा जताई जा रही है।
Published on:
17 Dec 2017 11:45 am
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