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कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज में उपद्रव की आग तीन दिन से सुलग रही थी। गणतंत्र दिवस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की तिरंगा यात्रा तो बहाना भर है। जय श्रीराम और वंदे मातरम जैसे नारे की आड़ में विरोध किया गया। उपद्रव इतना बढ़ा कि एक व्यक्ति की मौत हो गई। धार्मिक स्थल में आग लगा दी गई है, इससे तनाव और भी बढ़ गया है।
चामुंडा मंदिर पर गेट नहीं लगने दिया था
सोरों गेट पर चामुंडा मंदिर है। तीन दिन पहले जिला प्रशासन मंदिर पर गेट लगाने जा रहा था। संप्रदाय विशेष के लोगों को पता चला तो उन्होंने विरोध कर दिया। बड़ी संख्या में एकत्रित होकर आ गए। ऐलान किया कि किसी भी हालत में गेट नहीं लगाने दिया जाएगा। संप्रदाय विशेष के लोगों ने सड़क जाम कर दी और धरना-प्रदर्शन किया। विरोध होता देख प्रशासन ने मंदिर पर गेट लगाने का विचार त्याग दिया।
पुलिस ने नहीं बरती सतर्कता
बताया गया है कि इस घटना को पुलिस-प्रशासन ने हल्के में लिया। जहां से झगड़ा शुरू होने की घटनाएं होती हैं, वहां पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती। इसका परिणाम यह हुआ है कि शुक्रवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे बिलराम गेट पर उपद्रव हो गया। पुलिस की गोली से एक व्यक्ति चंदन की मौत हो गई। नौशाद समेत दो घायलों को इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ भेजा गया है।अब पुलिस हर स्तर पर सतर्कता बरत रही है। बाहर से भी फोर्स बुला लिया गया है।
शुक्रवार को क्या हुआ
गणतंत्र दिवस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बाइक पर युवा तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे। वे बिलराम गेट से निकल रहे थे कि जयश्रीराम और वंदेमातरम सुनकर कुछ लोग गुस्से में आ गए। देखते ही देखते उपद्रव हो गया। बडडू नगर, नबाब मोहल्ला, नाथूराम मोहल्ले में उपद्वर शुरू हो गया। मथुरा- बरेली हाइवे के शहरी हिस्से के मुख्य रोड बिलराम गेट, कोतवाली के पास तहसील रोड क्षेत्र में दोनों पक्षों ने जमकर पथराव किया। तमाम बाइकें तोड़ दी गईँ। फायरिंग होने लगी। घटना के बाद मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पहुंचे थे, जिन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ा।
Updated on:
26 Jan 2018 07:11 pm
Published on:
26 Jan 2018 06:54 pm
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