भागलपुर। सावन में सुल्तानगंज से जल उठाने की परंपरा काफी पुरानी है। दूरदराज से लोग यहां से कांवर लेकर देवघर पूजा करने जाते हैं। आमलोगों के अलावा खास लोग भी यहां आ चुके हैं। 1961 में बालीवुड के महान कलाकार पृथ्वीराज कपूर भी श्रावणी मेले में सुल्तानगंज में आए थे। उनके साथ छोटे बेटे शशि कपूर भी थे।
आज भी पंडा के बही खाते में उनके हस्ताक्षर दर्ज हैं। पंडा चुन्नू मिश्रा और भोला पंडा बताते हैं कि पृथ्वीराज कपूर ने अजगैबीनाथ मंदिर की महिमा सुनी थी। उसके बाद वे परिवार के साथ यहां आए थे। पृथ्वीराज ने यहां उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान किया और जल भरा। उन्होंने बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।
पृथ्वीराज यहां से कांवर उठाकर देवघर तक गए थे। भोला पंडा बताते हैं कि मंदिर के बही खाते में बालीवुड के सुपरस्टार के हस्ताक्षर आज भी हैं। उन्होंने यहां आकर रजिस्टर में दस्तखत किए थे। पंडों के अनुसार पृथ्वीराज कपूर यहां आकर काफी प्रभावित हुए थे। मंदिर और गंगा के प्रति उनकी श्रद्धा थी। पुरानी सीढ़ी घाट से मंदिर तक का रास्ता उन्होंने नाव से तय किया था।