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गोदाम तक पहुंच चुका 19 हजार क्विंटल चावल खाने योग्य नहीं

केंद्रीय टीम की जांच में खुलासा, एफसीआइ की जांच में 28 में 26 नमूने फेल, मिलर्स पर कार्रवाई के लिए कटनी के अधिकारियों ने भोपाल भेजी जानकारी.

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Preparations were made to consume 14 thousand metric tons of non-standard rice through PDS

Preparations were made to consume 14 thousand metric tons of non-standard rice through PDS

कटनी. राशन दुकान से गरीबों को सप्लाई के लिए कटनी के मिलर्स द्वारा सीएमआर में दिया गया हजारों क्विंटल चावल खराब निकला है। चावल की यह मात्रा खाने योग्य नहीं है। कटनी में एफसीआइ के अधिकारियों ने चावल की गुणवत्ता की जांच के लिए अगस्त माह के अंतिम सप्ताह और सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में 28 नमूने लिए थे। इसमें 26 नमूने फेल हो गए हैं। नमूने फेल होने के बाद एफसीआइ के अफसरों ने जानकारी मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन (नान) के अफसरों को दी है।

कटनी नान के अधिकारी बताते हैं कि खराब हुए चावल की मात्रा 12 स्टेक यानी लगभग 19 हजार 4 सौ क्विंटल है। बतादें कि मध्यप्रदेश के बालाघाट और मंडला में राशन दुकानों में जानवरों के खाने योग्य चावल सप्लाई मामले को लेकर पत्रिका में प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। इस पूरे मामले पर पीएमओ ने संज्ञान लिया और एफसीआइ के अफसरों द्वारा की जा रही जांच की जानकारी तलब की।

कटनी में मिलर्स द्वारा सप्लाई किए गए चावल में हजारों क्विंटल चावल के सैंपल फेल होने के बाद हड़कंप की स्थिति है। बताया जा रहा है कि मिलर्स ने दबाव बनाना शुरू कर लिया है। बतादें कि कटनी के मिलर्स द्वारा सप्लाई किया गया चावल प्रदेश के दूसरे जिलों में सप्लाई होती है। यहां 54 मिलर्स का नान के साथ अनुबंध है, जो सीएमआर में चावल की मिलिंग करते हैं।

एफसीआइ की टीम द्वारा रिजेक्ट किए गए चावल का स्टॉक ओम किसान वेयर हाउस, वेद वेयर हाउस, सरोधन वेयर हाउस, एसडब्ल्यूसी वेयर हाउस और मां वेयर हाउस में है।

नान के कटनी एमडी पीयूष माली का कहना है कि कटनी से एफसीआइ की टीम ने 28 नमूने लिए थे, इसमें 26 नमूने फेल हुए हैं। 26 नमूनों का चावल 12 स्केट लगभग 19 हजार 4 सौ क्विंटल है। स्टेकवार मिलर्स की जानकारी अलग कर उन्हे नोटिस दिया जा रहा है। मिलर्स से चावल बदलकर दूसरा लेना है, एफआइआर होनी है या ब्लेकलिस्टेड की कार्रवाई होनी है। यह निर्णय भोपाल से अधिकारी लेंगे।