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बेटियों के स्कूल पर नगर निगम का कब्जा! पढ़ाई व खेल की जगह को बनाई पार्किंग, सुरक्षा पर मंडराया खतरा

ट्रैक्टर, कार, बिजली क्रेन, टैंकर सहित अन्य -वाहनों की आवाजाही से दहशत में रहती हैं छात्राएं, अनाधिकृत रास्ता बनाकर खुली छूट, परिसर छोटा पडऩे से 400 छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित, निगम कार्यालय के बगल स्थित केसीएस स्कूल का मामला

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 04, 2026

Parking at school poses problems for students

Parking at school poses problems for students

बालमीक पांडेय @ कटनी. शहर में बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। नगर निगम ने स्कूल परिसर को ही पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया है, जिससे न केवल छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। खेल तो पूरी तरह से बाधित है वह अलग। मामला नगर निगम कार्यालय के पास स्थित केसीएस स्कूल का है, जहां करीब 400 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सुबह के शिफ्ट वाले बच्चे भी प्रभावित होते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि उक्त पाठशाला नगर निगम की है, जहां और बच्चों को और बेहतर सुविधाएं दी जानी चाहिए वहां छींनी जा रही हैं।

स्कूल परिसर में दौड़ रहे ट्रैक्टर, वाहनों का अड्डा बना मैदान

जानकारी के अनुसार, नगर निगम के ट्रैक्टर, अफसरों की कारें, टैंकर वाहन, नगर निगम का बिजली सुधारने वाला वाहन सहित बाहरी लोगों के वाहन यहां पर पार्क होते हैं। ठेकेदारों के वाहनों के लिए यह भी यह अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया है। अन्य भारी वाहन रोजाना स्कूल परिसर में खड़े किए जा रहे हैं। जहां बच्चियों को सुरक्षित और शांत वातावरण मिलना चाहिए, वहां अब वाहनों की आवाजाही, शोर और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। इससे छात्राओं में भय का वातावरण बन गया है और अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है।

निगम ने खुद बनाया अनाधिकृत रास्ता

स्थिति और गंभीर तब हो गई जब नगर निगम ने अपने कार्यालय से स्कूल परिसर तक एक अनाधिकृत रास्ता तैयार कर लिया। इस रास्ते से लगातार निगम के कर्मचारी और वाहन स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। यह न केवल स्कूल की सीमाओं का उल्लंघन है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ भी है।

पहले से ही कम जगह, अब पूरी तरह सिमटा मैदान

स्कूल परिसर पहले ही छोटा है और खेलकूद या अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में उसी सीमित स्थान पर वाहनों की पार्किंग ने हालात और बदतर कर दिए हैं। छात्राओं को न तो ठीक से खेलने की जगह मिल रही है और न ही अन्य शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से हो पा रही हैं।

ई-लाइब्रेरी निर्माण से और घटी जगह

स्कूल में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से ई-लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मैदान का एक बड़ा हिस्सा और कम हो गया है। एक ओर शिक्षा सुविधाओं को बढ़ाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उसी परिसर को पार्किंग में बदल देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों ने बताया बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन

रिटायर्ड शिक्षक मार्तण्ड सिंह राजपूत, पुरषोत्तम गौतम का कहना है कि स्कूल परिसर का इस तरह उपयोग पूरी तरह अनुचित है और यह बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। बता दें कि बच्चों व छात्राओं को खेलने के लिए मैदान न मिलने के कारण उनके मस्तिष्क पर विपरीत असर पड़ रहा है। डॉ. संदीप निगम के अनुसार बच्चों में खेल बेहत आवश्यक है। प्रवेशोत्सव के दौरान विधायक संदीप जायसवाल ने सीएम राइज स्कूल में कहा है कि बच्चे जब खेल से जुड़ते हैं तो वे गलत रास्तों में नहीं भटकते। सही दिशा मिलती है।

इनका कहना है

केसीएस में मना करने के बाद वाहन क्यों पार्क हो रहे हैं पता लगाया जाएगा। छात्राओं को हो रही असुविधा का जल्द निराकरण कराया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। छात्राओं व बच्चों के लिए खेल मैदान के साथ बेहतर खेल सुविधाओं के लिए पहल की जाएगी।

तपस्या परिहार, नगर निगम आयुक्त।