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संभाग में राशन लेने वाले 7 लाख लोग लापता, 28 हजार लखपति गटक रहे गरीबों का निवाला!

नोटिस जारी होने से मचा हडक़ंप, केवायसी कराने नहीं पहुंचे पीडीएस दुकान, छूटे लोगों में 20 प्रतिशत दिव्यांग व वृद्धों के शामिल होने का है अनुमान, कटनी जिले में 1027 लोगों को 6 लाख रुपए से अधिक आमदनी होने के बाद भी राशन लेने पर जारी हुआ नोटिस

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 04, 2025

7 lakh PDS ration consumers did not get KYC done

7 lakh PDS ration consumers did not get KYC done

बालमीक पांडेय@ कटनी. शासकीय उचित मूल्य की दुकान से गरीबों, जरुरतमंदों को मिलने वाले एक रुपए किलो गेहूं व दो रुपए किलो चावल सहित कोविड के बाद से नि:शुल्क मिल रहे राशन की हकीकत परखने व वाजिब लोगों को गल्ला मुहैया कराने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा इ-केवायसी कराई गई है। जिले ही नहीं पूरे संभाग व प्रदेश में इ-केवायसी कई माह तक कराई गई है। रिपोर्ट जो सामने आई है वह चौकाने वाली है। आलम यह है कि कटनी जिले में 94 हजार से अधिक लोग केवायसी कराने नहीं पहुंचे, याने कि ये लापता हैं। संभाग में केवायसी न कराने वालों की सबसे अधिक संख्या जबलपुर जिले की 167338 है। जबकि प्रदेशर में लाखों में है।
मामला यहीं नहीं थम रहा, हद तो तब हो जा रही है कि कई लखपति, करोड़पति गरीबों के हक का निवाला डकार रहे हैं। ऐसे लोगों को एसडीएम द्वारा नोटिस थमाए गए हैं, जिससे हडक़ंप मच गया है। कटनी जिले में ऐसे 1027 लोग सामने आए हैं, जिनकी आय 6 लाख रुपए व 25 लाख रुपए से ऊपर है। ऐसे लोगों की संभाग में संख्या 28 हजार 297 है। सर्वाधिक संख्या जबलपुर जिले में 5453, छिंदवाड़ा में 3866 व बालाघाट में 3449 है। जबकि प्रदेश भर में एक लाख 60 हजार 186 लोगों को नोटिस थमाए गए हैं, जिससे हडक़ंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों ने केवायसी नहीं कराई है, उनके नाम का राशन तीन माह से नहीं मिल रहा।

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यह है प्रदेशभर की स्थिति

इ-केवायसी कराए जाने व आधार लिंक होने के बाद यह तथ्य सामने आए हैं कि प्रदेशर में एक लाख 60 हजार 186 लोग ऐसे हैं जिनकी आय 6 लाख रुपए से अधिक व 25 लाख रुपए से अधिक है, जो नि:शुल्क व सस्ते राशन की पात्रता नहीं रखते। इन्हें क्षेत्रीय एसडीएम द्वारा नोटिस भेजे गए हैं। खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऐसे एक लाख 59 हजार 453 नोटिस लोड हो चुके हैं। नोटिस जारी होने के बाद अब लोग जनसुनवाई, खाद्य विभाग व राशन दुकान में पहुंचकर नाम न काटे जाने की गुहार लगा रहे हैं।

केवायसी न होना भी चिंता का विषय

कई माह तक केवायसी के लिए अभियान चलाया गया। जबलपुर संभाग में 87 लाख 40 हजार 352 लोगों के केवासी होनी है, जिनमें से 7 लाख लोग अबतक सामने नहीं आए। पोर्टल के अनुसार 55 जिलों में 5 करोड़ 27 लाख 60 हजार 433 हितग्राही हैं। इनमें से 31 लाख 99 हजार 574 लोगों ने अबतक इ-केवायसी नहीं कराई है, जबकि 4 करोड़ 81 लाख 68 हजार 684 लोगों की केवायी एप्रूव्ड है। कुल 91 प्रतिशत लोगों ने ही इ-केवायसी कराई है। हालांकि विभाग का अनुमान में कि 15 से 20 प्रतिशत इनमें दिव्यांग व वृद्ध शामिल हो सकते हैं।

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यह है संभाग में हितग्राहियों के केवायसी व नोटिस की स्थिति
जिला उपभोक्ता अधूरी केवायसी नोटिस
जबलपुर 1432831 167338 5453
कटनी 937800 94114 1027
नरसिंहपुर 805366 58418 1386
छिंदवाड़ा 1310868 83348 3866
सिवनी 1071860 89649 1963
मंडला 889200 61726 1466
डिंडौरी 647843 60362 682
बालाघाट 1359671 69152 3449

पार्ढुना 284915 14787 1139

योग 8740352 698894 28297

फैक्ट फाइल

  • 1057 लोगों को कटनी में जारी हुआ है राशन बंद करने के लिए नोटिस।
  • 97 हजार 377 लोगों की केवायसी कटनी जिले में बताई जा रहीं शेष।
  • 36 हजार 341 इ-केवायसी प्रदेशभर में जेएसओ लेवल पर हैं पेंडिंग।
  • 32 लाख हितग्राहियों की प्रदेशभर में इ-केवायसी बताई जा रही पेंडिंग।

इस तरह जारी हो रहे नोटिस

श्रीराम काछी निवासी बमनी ढीमखेड़ा की आय अधिक होने के कारण एसडीएम द्वारा नोटिस जारी किया गया है। जिसमें हितग्राही ने खाद्य विभाग में आवेदन देकर कहा है कि मैं छोटा किसान हूं, निवेदन है कि नाम न काटा जाए। इसी प्रकार सुखचैन प्रसाद निवासी भटगवां को नोटिस जारी किया गया है। पीडि़त ने एसडीएम के नाम पत्र खाद्य विभाग में जमा कर गुहार लगाई है कि वह छोटा किसान है, मेरा नाम न काटा जाए।

वर्जन
जिन लोगों ने केवायी नहीं कराई है उनका राशन नहीं आ रहा। जिले में ऐसे 97 हजार से अधिक लोग हैं। 1027 लोगों को एसडीएम के यहां से आय अधिक होने पर राशन बंद करने नोटिस भी जारी हुए हैं, जो यहां आकर अपना पक्ष रख रहे हैं। उनका उचित निराकरण कराया जाएगा। ऐसी स्थिति संभाग व पूरे प्रदेश में है।
सज्जन सिंह, जिला खाद्य अधिकारी।