
arbitrariness in sewer line
कटनी. शहर में सीवर लाइन का काम होने के बाद भले ही लोगों को राहत मिले, लेकिन शहर में जब से काम शुरू हुआ है, तो जनता को सिवाय परेशानी के कुछ हासिल नहीं हो रहा। वर्तमान में नगर निगम द्वारा ठेका कंपनी जयंती सुपर से काम कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी व डीपीआर के अनुसार काम न कराए जाने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। साउथ स्टेशन मार्ग, बरगवां, माधवनगर, स्टेट बैंक तिराहा, मिशन चौक से अहिंसा तिराहा आदि तक हर समय जाम, हादसे का अंदेशा, धूल के गुबार की समस्या है। नगर निगम के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे।
सीवर लाइन का कम शहर में 134 किलोमीटर की लाइन डलनी थी। बता कि आजाद चौक से झंडा बाजार में लाइन डल गई है। नगर निगम के सामने वाले क्षेत्र में भी लाइन डाली गई है। रोड रेस्टोरेशन कराया गया है। माधवनगर में सीवर लाइन के बाद सडक़ चलने लायक बनाई जा रही है। बरगवां में भी मोटरेबल किया जा रहा है। मुड़वारा स्टेशन मार्ग में मेन होल बनाए जा रहे हैं और सीवर लाइन डाली जा रही है। अभी 70 किलोमीटर लाइन डाली गई है। लगभग 75 प्रतिशत ही काम हो पाया है। एसटीपी-1 माधवनगर कुम्हार मोहल्ला में 75 प्रतिशत काम कराया गया है। एसटीपी-2 कटायेघाट मार्ग पर दुगाड़ी नाला पर 25 फीसदी ही हो पाया है। इसी प्रकार एसटीपी-3 पन्ना मोड़ में भी सिर्फ 25 फीसदी ही काम हो पाया है।
शहर में ठेका कंपनी जयंती सुपर द्वारा रोड रेस्टोरेशन का काम नहीं किया जा रहा। तीन से चार माह तक सडक़ें वार्डों व कॉलोनियों में खुदी पड़ी रहती हैं। जबतक क्षेत्र के लोग परेशान नहीं हो जाते और सीएम हेल्पलाइन सहित नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत नहीं करते, तबतक समाधान नहीं कराया जाता।
डीपीआर के अनुसार कंपनी द्वारा जहां पर भी सडक़ में लाइन डाली जाती है और रोड का समतलीकरण किया जाता है, उसके बाद वहां पर नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव करना है, लेकिन इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता। दिनभर शहर व उपनगरीय क्षेत्र में धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। सबसे अधिका समस्या बरगवां में कटायेघाट मोड़ से आगे डाली गई सीवर लाइन वाले स्पॉट पर हो रहा है। ठेका कंपनी द्वारा कभी कभार ही पानी का छिडक़ाव कराया जा रहा है।
कंपनी द्वारा जहां पर भी सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है, वहां पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। न तो यहां पर निर्माण कार्य प्रगति पर है, कृपा धीमें चलें व सावधानी बरतें, मर्ग परिवर्तित किया गया है आदि की जानकारी नहीं दी जाती। इतना ही नहीं यदि कहीं पर वैकल्पिक मार्ग की जरुरत पड़ती है तो वहां पर भी उसे ठीक नहीं कराया जाता। लोग उबड़-खाबड़ मार्ग से चलने को विवश होते हैं। इसके अलावा सुरक्षा पट्टी आदि नहीं लगाई जाति, जिससे कभी भी हादसे का अंदेशा बना रहता है।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम ने कहा कि सीवर लाइन का काम करने वाली कंपनी को नियमानुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाएगा। कई जगह पर मार्ग संकीर्ण होने के कारण समस्या हो रही है। धूल से बचाव के लिए पानी का छिडक़ाव हो रहा है।
Published on:
16 May 2025 08:21 pm
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