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कटनी

VIDEO: खनन पर खामोशी; रेत माफिया ने महानदी में उतारी पोकलेन मशीनें

खतरे में नदियां: खुलेआम मनमानी पर जिला प्रशासन नहीं लगा पा रहा लगाम, सख्ती के लिए बनी टीम भी सुस्त. - रेत खनन में खुलेआम मनमानी, जिला प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, खनिज और पीसीबी से लेकर कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम भी सुस्त.

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कटनी. रेत माफिया की मनमानी और जिला प्रशासन के उदासीन रवैए की ताजा तस्वीरें बुधवार को कटनी जिले सांघी रेत घाट में देखने को मिली। महानदी के इस घाट पर भरी बरसात रेत खनन के लिए रेत माफिया ने पोकलेन मशीनें ही उतार दी। रेत माफिया की मनमानी से नियमों की धज्जियां तो उड़ी, नदियों के सेहत का ख्याल रखने में भी जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई।

बतादें कि जिले में बारिश के मौसम में एक जुलाई से नदियों से रेत खनन पर प्रतिबंध है। यहां विष्टा सेल्स को रेत खदानों का ठेका मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध रेत खनन की शिकायत के बाद भी संबधित विभाग के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इधर, जिला खनिज अधिकारी संतोष सिंह को इसकी जानकारी ही नहीं है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) कटनी के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी झा बताते हैं कि एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर खनन किया जा रहा है तो खनिज विभाग को भी जानकारी दे दीजिए। हम दिखवाते हैं कि हमारे स्तर पर क्या कार्रवाई हो सकती है।

मनमानी की कहानी
– एक जुलाई से बारिश के मौसम में जिलेभर में रेत खनन प्रतिबंधित है। नदियों के आसपास रेत खनन संबंधी गतिविधि पर प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
– जिले के अधिकांश रेत खदानों के आसपास पोकलेन मशीनें होती हैं। मौका पर रेत माफिया इन मशीनों को नदी के अंदर उतार देते हैं। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही बाहर निकाल देते हैं।
– रेत माफिया के गुर्गे कलेक्ट्रेट से लेकर रेत घाट तक अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहते हैं। अधिकरियों की गाड़ी जिस रास्ते से निकलती है, आगे आने वाले स्थानों के लोगों को सचेत कर दिया जाता है।
– प्रशासन के अफसरों को इस बात की जानकारी होती है, लेकिन मनमानी रोकने की इच्छाशक्ति का अभाव रेत माफिया के हौसले बढ़ा रहा है।