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शाला दर्पण का मतलब नहीं बता पाए बड़वारा बीइओ, सीइओ ने कहा रोक दें एक वेतनवृद्धि

शिक्षा विभाग में चल रही गतिविधियों की समीक्षा के दौरान सामने आई अधिकारियों की बड़ी लापरवाही.

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CEOs and Education Department officials involved in the meeting

बैठक में शामिल सीइओ और शिक्षा विभाग के अधिकारी

कटनी. शिक्षा विभाग में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हो रहे प्रयासों की समीक्षा के दौरान गुरुवार को जिला पंचायत सीइओ जगदीश चंद्र गोमे ने भजिया स्कूल के प्राचार्य व बड़वारा विकासखंड के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी केपी धुर्वे से शाला दर्पण का मतलब पूछा तो वे अर्थ ही नहीं बता पाए।
इसे सीइओ जिला पंचायत बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए चलाई जा रहे अभियान का मतलब ही अधिकारी नहीं जानते तो उसका क्रियान्वयन कैसे होगा। सीइओ ने प्रभारी बीइओ का वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। शाला दर्पण कार्यक्रम में स्कूल का निरीक्षण कर वहां की गुणवत्ता देखने के बाद जरूरी डाटा पोर्टल पर अपडेट होता है।
समीक्षा बैठक में डीइओ बीबी दुबे ने बताया शाला दर्पण कार्यक्रम के तहत 86 निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने 1720 निरीक्षण लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1325 निरीक्षण किए हैं। अधिकारियों द्वारा लक्ष्य से कम निरीक्षण करने पर सीईओ ने सभी अधिकारियों का टूर प्रोग्राम प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
बैठक में सीइओ ने मिशन 1000 में शामिल जिले के 28 विद्यालयों में त्रैमासिक परीक्षा का परिणाम 16 स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम आने पर सीइओ ने छात्रवार रिजल्ट प्रस्तुत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पता लगाएंगे कि कौन छात्र पढ़ाई में कमजोर है, उसके पीछे कारण क्या है। उन्होंने शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषयों का रिजल्ट विश्लेषण कर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच प्रभावी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मिशन 1000में शामिल जिले की 28 स्कूलों में से 16 का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम आया था। खबर परिणाम वाली स्कूलों को लेकर पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित की। अधिकारी हरकत में आए जांच बिठाई।
जिले में विद्यालयों के परीक्षा परिणामों को शिक्षकों के वेतन आहरण से लिंक किया जायेगा। अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर वेतन रोकी जायेगी। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने पर सीईओ ने कहा कि शिक्षा विभाग के अनेक सेवानिवृत्त शिक्षक और अधिकारी विद्यालयों में नि:शुल्क शैक्षणिक सेवायें देने के इच्छुक हैं, उन्हें भी अवसर देकर इनकी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। उन्होंने मैदानी कर्मचारियों के कार्यों का आंकलन कर सप्ताह का चेहरा अभियान में शामिल करने कहा। कर्मचारी का फोटो और किये गये कार्यों का विस्तृत विवरण फ्लैक्सी चार्ट में एक सप्ताह तक कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में रहेगा।