
विद्यार्थी प्रतीकात्मक फोटो
कटनी. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस बार ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके तहत अब बोर्ड इम्तिहान लिए बगैर विद्यार्थियों को पास कर देगा। इसका ऐलान कर दिया गया है। इससे सामान्य छात्र-छात्राओ में खुशी की लहर है वहीं मेधावी बच्चो को लग रहा कि यह उनके साथ गलत हुआ है।
बता दें कि गत 3 मार्च से शुरू हुई थी 10वीं कक्षा की परीक्षाएं। कई विषयों की परीक्षा हो भी गई थी। लेकिन तभी कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ तो देश भर में 24 मार्च से लॉक़डाउन हो गया। ऐसे में शेष बचे विषयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। अब बोर्ड ने निर्णय लिया है कि शेष बचे विषयों की परीक्षाएं नहीं होंगी। लेकिन रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने शनिवार को कक्षा 10 की परीक्षा नही कराने का निर्णय लिया है। अब जो बच्चे सभी पेपर में उपस्थित हुए और अन्य सभी पेपर में पास हैं उनकी मार्कशीट में जिन विषयों की परीक्षा नहीं हुई है के कॉलम में पास लिखा जाएगा। लेकिन अगर कोई परीक्षार्थी फेल हो रहा है तो उसे पास नहीं माना जाएगा।
बता दें कि 1988 में 10वीं के बोर्ड का गठन किया गया। इससे पहले 11वीं का बोर्ड होता था। तब से लेकर अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि बिना परीक्षा के ही बच्चों को पास किया गया हो। यहां बता दें कि इस बार 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे।
"बोर्ड परीक्षा की कक्षा 10 के बचे हुए पेपर नहीं होंगे। कक्षा 10 बोर्ड गठन के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि जिन विषयों की परीक्षा नहीं हुई उनके कॉलम में पास लिखा जाएगा। लेकिन जो छात्र-छात्राएं अऩ्य पेपर में फेल हो रहे हैं उन्हें पास नहीं माना जाएगा।"-बीबी दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी
Published on:
20 May 2020 04:31 pm
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