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राशन की कालाबाजारी करने अब भी इस जिले में जारी है मैनुअली वितरण का खेल!

- जिले में राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग द्वारा पहले पीओएस सिस्टम लागू किया गया, इसके बाद इस सिस्टम को आधार से जोड़कर वितरण की प्रणाली शुरू की गई, लेकिन अभी भी कालाबाजारी के खेल को पूरी तरह से विभाग नहीं रोक पा रहा। -जिले में अब भी लगभग 50 फीसदी मैनुअली राशन वितरण की प्रणाली चल रही है। इसकी मुख्य वजह है जिम्मेदारों द्वारा विशेष ध्यान न देना। मशीनों को बदलने, आधार सत्यापन के कार्य में तेजी के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही। - जिले में पिछले माह 52.91 फीसदी ही आधार सत्यापन के साथ राशन वितरण हुआ है।
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कटनी

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Balmeek Pandey

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Updated: 24 Jun 2019, 11:41 AM IST

satna rashan

satna rashan

कटनी. जिले में राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग द्वारा पहले पीओएस सिस्टम लागू किया गया, इसके बाद इस सिस्टम को आधार से जोड़कर वितरण की प्रणाली शुरू की गई, लेकिन अभी भी कालाबाजारी के खेल को पूरी तरह से विभाग नहीं रोक पा रहा। जिले में अब भी लगभग 50 फीसदी मैनुअली राशन वितरण की प्रणाली चल रही है। इसकी मुख्य वजह है जिम्मेदारों द्वारा विशेष ध्यान न देना। मशीनों को बदलने, आधार सत्यापन के कार्य में तेजी के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही। जिले में पिछले माह 52.91 फीसदी ही आधार सत्यापन के साथ राशन वितरण हुआ है। नगरीय निकाय क्षेत्र में विजयराघवगढ़ को छोड़ दिया जाए तो शेष तीन में आधार सत्यापन के बाद से राशन वितरण की प्रणाली काफी कम है। 25 हजार 474 परिवार में से 16 हजार 31 परिवारों को ही आधार फिंगरप्रिंट के माध्यम से राशन का वितरण किया गया। शहर में 63.05, बरही में 69.18, कैमोर में 50.83 फीसदी राशन ही आधार सत्यापन से वितरण हुआ है।

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ग्रामीण क्षेत्रों के हालात भी ठीक नहीं
राशन वितरण में ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति भी पुराने ढर्रे में चल रही है। बहोरीबंद में 53.56, कटनी में 54.72, बड़वारा में 46.81, रीठी में 53.46, विजयराघवगढ़ 54.77 और ढीमरखेड़ा में 47.53 फीसदी राशन ही आधार सत्यापन के आधार पर दिया गया है। बताया जा रहा है कि अधिकांश सेल्समैन मशीनों को खराब बताकर अब भी मैनुअली राशन वितरण पर जोर दे रहे हैं। आधार सत्यापन न होने से गड़बड़ी का आशंका अधिक है। इसी गड़बड़ी को रोकने यह नियम लागू किया गया है, लेकिन यह अबतक जिले में सफल नहीं हो पाया।

इनका कहना है
जिले में अभी 53 फीसदी राशन का वितरण आधार सत्यापन के माध्यम से हो रहा है। हालांकि 75 फीसदी से अधिक हितग्राहियों का आधार सत्यापन हो गया है। शतप्रतिशत आधार सत्यापन से राशन बटे, इस दिशा में पहल की जाएगी।
रविकांत ठाकुर, प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी।