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तीन करोड़ की योजना, समय सीमा खत्म फिर भी अधूरा पड़ा झिंझरी बस स्टैंड, सामने आई गंभीर लापरवाही

प्रियदर्शनी बस स्टैंड पर दबाव कम करने झिंझरी में बनाया जा रहा है नया बस स्टैंड, रिवाइस स्टीमेट, सिटी बस ऑफिस और चार्जिंग स्टेशन जुडऩे से हो रही लेटलतीफी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 07, 2026

Bus stop

Bus station

कटनी. शहर के प्रियदर्शनी बस स्टैंड पर दबाव कम करने और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए झिंझरी में जिस क्षेत्रीय बस स्टैंड का निर्माण कराया जा रहा है, वह योजना अब सवालों के घेरे में है। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह बस स्टैंड तय समय सीमा में पूरा नहीं हो सका है और अब तक अधूरा पड़ा है। नतीजा यह है कि जिस उद्देश्य से यह निर्माण शुरू कराया गया था वह अब तक पूरा नहीं हो पाया और शहर को जाम की समस्या से राहत नहीं मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा वर्ष 2020 में प्रस्तावित यह योजना सितंबर 2025 तक पूरी होनी थी। निर्माण का जिम्मा मेसर्स रजनीश एंड कंपनी को सौंपा गया था। लेकिन तय अवधि गुजरने के बावजूद बस स्टैंड में आज तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं। प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय और अन्य निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि निर्धारित राशि का काम पूरा दिखाकर ठेकेदार को अतिरिक्त समय दे दिया गया है।

रिवाइज स्टीमेट ने बढ़ाई लागत

काम अधूरा रहने के बीच नगर निगम रिवाइज स्टीमेट तैयार करने की तैयारी में है। गेट सहित अन्य बचे कार्यों के लिए नए प्रस्ताव बनाए गए हैं। इससे साफ है कि योजना की लागत और समय दोनों बढऩे की आशंका है। बताया जा रहा है कि नगरनिगम यहां शॉपिंग काम्पलेक्स सहित अन्य जरूरी निर्माण करना चाह रहा है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा व निगम को आय हो सके।

प्लान बदलने से बढ़ी उलझन

निर्माण के दौरान ही नगर निगम ने प्रथम तल पर सिटी बस कार्यालय बनाने की योजना जोड़ दी। इससे न केवल काम की रफ्तार धीमी हुई, बल्कि बस स्टैंड शुरू होने में और देरी हो गई। सिटी बसों के संचालन के लिए यहां चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए प्रशासन से जमीन की मांग भी की गई है।

शहर अब भी भुगत रहा खामियाजा

क्षेत्रीय बस स्टैंड शुरू न होने के कारण जबलपुर की ओर से आने-जाने वाली बसें अब भी बीच शहर से होकर गुजर रही हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है और आम नागरिकों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रियदर्शनी बस स्टैंड पर बसों का दबाव जस का तस है, जबकि झिंझरी बस स्टैंड केवल कागजों में ही राहत का साधन बना हुआ है।

संवेदनशील इलाके में अधूरा निर्माण

जिस स्थान पर यह बस स्टैंड बन रहा है, वहां शासकीय कन्या महाविद्यालय का नया भवन, प्रस्तावित केन्द्रीय विद्यालय, जिला न्यायालय और जिला जेल पास में स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में अधूरा निर्माण और अव्यवस्थित योजना भविष्य में और समस्याएं खड़ी कर सकती है।

परेशानी को देखते हुए बनाया था प्रस्ताव

प्रियदर्शन बस स्टैंड से लगभग डेढ़ सौ बसों का संचालन होता है। जिसमें भोपाल, इंदौर, रीवा, नागपुर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, प्रयागराज के अलावा  स्थानीय स्तर पर कैमोर, बहोरीबंद, उमरियापान, ढीमरखेड़ा, विजयराघवगढ़, बड़वारा, रीठी आदि क्षेत्रों में बसों की सुविधा है। बड़ी संख्या में बसों के संचालन होने से प्रियदर्शनी में स्थान की कमी है और वहां पर बसों को खड़ा करने में संचालकों को परेशानी होती है तो दूसरी ओर यात्रियों को भी दिक्कत उठानी होती है। इसको देखते हुए जबलपुर की ओर से आने वाली बसों को प्रियदर्शनी बस स्टैंड न लाकर उनको झिंझरी में क्षेत्रीय बस स्टैंड बनाकर वहीं से बसों का संचालन करने का प्रस्ताव वर्ष 2020 में बनाया गया था।

इनका कहना है

झिंझरी में प्रस्तावित क्षेत्रीय बस स्टैंड का कार्य लगभग अंतिम दौर में है। यात्री सुविधाओं को जल्द से जल्द पूरा कराते हुए वहां से बसों का संचालन किया जाएगा। कुछ कार्य शेष है और उसके लिए अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है, ताकि जल्द कार्य पूरा कराया जा सके।

असित खरे, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, नगर निगम