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रेल और यात्रियों को सौगात: कटनी-सिंगरौली रेलखंड में 260 किलोमीटर विद्युतीकरण पूरा, ओके रिपोर्ट देने सीआरएस का दौरा

कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों और रेलवे के लिए बड़ी खबर है। अब 260 किलोमीटर के सफर में यात्रियों को जहां डीजल इंजन के प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी तो वहीं रेलवे का प्रतिदिन खर्च होने वाले करोड़ों रुपये के डीजल की बचत होगी। बता दें कि एनकेजे से लेकर सिंगरौली तक विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 09, 2020

Commission of Rail Safety inspected Katni-Singrauli section

Commission of Rail Safety inspected Katni-Singrauli section

कटनी. कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों और रेलवे के लिए बड़ी खबर है। अब 260 किलोमीटर के सफर में यात्रियों को जहां डीजल इंजन के प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी तो वहीं रेलवे का प्रतिदिन खर्च होने वाले करोड़ों रुपये के डीजल की बचत होगी। बता दें कि एनकेजे से लेकर सिंगरौली तक विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। कार्य पूर्ण होने पर रविवार को सीआरएस (कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी) एके जैन ने स्पेशल शैलून ने इसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबकुछ ठीकठाक मिला है। संभवत: अब एक से दो दिन में ओके रिपोर्ट मिलते ही कटनी-सिंगरौली लाइन में भी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें दौड़ेंगी। जानकारी के अनुसार रविवार को सीआरएस ने सरई ग्राम से महदइया 50 किलोमीटर तक ओएचइ लाइन का निरीक्षण किया। साथ ही डबल लाइन का भी जायजा लिया। डबल लाइन 8 किलोमीटर गोंदवाली से महदइया तक तैयार हुई है। इसके पहले दो पार्ट में सल्हना से कटंगीखुर्द 16 किलोमीटर, मझौली से महदइया 25 किलोमीटर तक तैयार हो चुकी है, जिसकी ओके रिपोर्ट जारी हो चुकी है। रेल अधिकारियों के अनुसार एनकेजे से महदइया सिंगरौली तक 260 किलोमीटर ओएचइ काम पूरा हो गया है।

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40 से 45 गाडिय़ों का होता है आवागमन
कटनी-सिंगरौली लाइन पर प्रतिदिन 40 से 45 गाडिय़ों का आवागमन होता है। इसमें यात्री गाडिय़ों की संख्या 12 से 15 है। बता दें कि अब जल्द ही यहां पर विद्युत इंजन से ट्रेनें चलेंगी। हालांकि अब इको फेंडली सफर के साथ ट्रेनों की रफ्तार पर भी फर्क पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम संजय विश्वास, प्रिंसिपाल चीफ इंजीनियर, सीनियर डाओएम, सीनियर डीएसटी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान सीआरएस ने एफओबी, स्टेशनों में अन्य सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रेल अफसरों को आवाश्यक निर्देश दिए।