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मनमानी की हदें पार: सीमेंट-रेत की जगह मिट्टी से हो रही पत्थरों की जुड़ाई

सांसद निधि से बन रहे भवन में हो रहा घटिया निर्माण, ग्रामीणों में आक्रोश, निगरानी पर खड़े हुए सवाल

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 06, 2025

corruption in community building construction

corruption in community building construction

कटनी. जनपद पंचायत रीठी अंतर्गत ग्राम पंचायत करहिया क्रमांक-01 में भ्रष्टाचार और मनमानी का बोलबाला सामने आया है। यहां सांसद निधि से स्वीकृत 15 लाख रुपए की राशि से सामुदायिक भवन निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि ग्रामीण खुद आक्रोशित होकर विरोध जताने को मजबूर हैं। सीमेंट और रेत की जगह मिट्टी का उपयोग कर निर्माण कार्य कराए जाने से पूरे क्षेत्र में पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत करहिया क्रमांक-01 में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए सांसद निधि से 15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। यह भवन गांव में होने वाले सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होना था। लेकिन सरपंच व ठेकेदार की मिलीभगत से इसमें घटिया सामग्री का उपयोग कर जनता की गाढ़ी कमाई पानी की तरह बहा दी जा रही है।

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मिट्टी से भवन निर्माण, सीमेंट-रेत गायब

निर्माण स्थल पर देखने से स्पष्ट होता है कि जहां दीवारों और नींव में सीमेंट, गिट्टी और रेत का उपयोग होना चाहिए था, वहां मिट्टी डाली जा रही है। पत्थर और मिट्टी का भवन बनाया जा रहा है। मजदूरों को भी यह निर्देश सरपंच-सचिव द्वारा दिया गया है कि लागत बचाने के लिए मिट्टी का ही प्रयोग करें। इससे भवन का टिकाऊपन और मजबूती पूरी तरह संदिग्ध हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण की यह स्थिति आने वाले समय में हादसे की वजह बन सकती है।

इंजीनियरों की मिलीभगत से चल रहा खेल

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार इंजीनियर भी पंचायत की सांठगांठ में शामिल हैं। निर्माण कार्य की नियमित जांच की जिम्मेदारी इन्हीं पर है, लेकिन मौके पर न तो निरीक्षण किया जा रहा है और ना ही घटिया कार्य पर रोक लगाई जा रही है। स्थानीय लोग इसे भ्रष्टाचार का खुला खेल बता रहे हैं। निर्माण शुरू होते ही ग्रामीणों ने अधिकारियों से गुहार लगाई, फिर भी भ्रष्टाचार पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया। ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि जिम्मेदार अधिकारी भी इस गड़बड़ी से अनजान नहीं, बल्कि सांठगांठ करके आंखें मूंदे बैठे हैं।

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सवालों के घेरे में पंचायत

यह मामला केवल एक पंचायत का नहीं बल्कि पूरे जनपद स्तर की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सांसद निधि का उद्देश्य जनहित कार्य है, लेकिन यदि राशि का उपयोग सिर्फ भ्रष्टाचारियों की जेब भरने में हो रहा है, तो इसका सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ेगा। ग्राम पंचायत करहिया क्रमांक-01 में सामुदायिक भवन निर्माण के नाम पर हो रही धांधली से यह साफ है कि भ्रष्टाचार की जड़ें पंचायत स्तर तक गहरी हो चुकी हैं। सवाल यह है कि सांसद निधि जैसी महत्वपूर्ण राशि की निगरानी कौन करेगा और कब तक जनता की मेहनत की कमाई भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ती रहेगी।

वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में आया है। उपयंत्री व इंजीनियर से इस मामले की जांच कराई गई है। निर्माण को तुड़वाते हुए नया गुणवत्तायुक्त कराया जाएगा। जांच रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरएन सिंह, सीइओ जनपद रीठी।