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264 लाख रुपए का गरीबों का राशन ‘हजम’ कर गए थे ‘कोटेदार बाबू’

दो साल में पीडीएस दुकानों में बड़ी मनमानी, फिंगरप्रिंट सिस्टम के बावजूद सेल्समैनों का खेल जारी, जांच में खुली परतें, अगस्त 2024 से अबतक 14 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआइआर, कई के खिलाफ हुई वसूली की कार्रवाई, ऑनलाइन सिस्टम भी बना ‘मजाक’

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 27, 2026

राशन दुकानों में PDS चावल की हो रही कालाबाज़ारी(photo-unsplash)

राशन दुकानों में PDS चावल की हो रही कालाबाज़ारी(photo-unsplash)

बालमीक पांडेय @ कटनी. जिले में गरीबों के हक का राशन किस तरह से ‘डकार’ लिया जा रहा है, इसका चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों में बैठे जिम्मेदार सेल्समैन ही सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए करोड़ों का अनाज हजम कर रहे हैं। जुलाई 2024 से अब तक की जांच में सामने आया है कि 14 दुकानों के सेल्समैनों ने मिलकर 2 करोड़ 63 लाख 16 हजार 388 रुपए मूल्य का राशन गायब कर दिया। यह अनाज गरीबों की थाली तक पहुंचने की बजाय बाजार में बेच दिया गया।
सरकार ने पारदर्शिता के लिए पीओएस मशीन और फिंगरप्रिंट सिस्टम लागू किया, ताकि बिना हितग्राही की उपस्थिति राशन न मिल सके। लेकिन कटनी में यह व्यवस्था भी महज दिखावा बनकर रह गई है। सेल्समैन फर्जी एंट्री कर या तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर गेहूं-चावल खुले बाजार में बेच रहे हैं।

Corruption in Ration Shops katni

शिकायत पर खुला खेल, वरना सब ‘ठीक’

हैरानी की बात यह है कि ये मामले तब सामने आए जब जागरूक नागरिकों ने शिकायत की। जांच के बाद ही घोटाले का खुलासा हुआ और संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई। लेकिन सवाल यह है कि जिन मामलों में शिकायत ही नहीं होती, वहां कितना बड़ा खेल चल रहा होगा? हर जनसुनवाई में ग्रामीणों की एक ही पीड़ा सामने आती है कि राशन नहीं मिला, लेकिन ज्यादातर मामलों में जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। न तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है और न ही पीडि़तों को उनका हक मिल पाता है।

निगरानी सिस्टम पर उठे सवाल

जब ऑनलाइन सिस्टम, पीओएस मशीन और विभागीय निगरानी सब मौजूद है, तो फिर इतना बड़ा घोटाला कैसे हो गया? यह सीधे-सीधे निगरानी तंत्र की विफलता और विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। जिले में गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले इस नेटवर्क ने सिस्टम की पोल खोल दी है। अब जरूरत है कड़ी कार्रवाई की, वरना गरीबों की थाली से निवाला यूं ही गायब होता रहेगा।

इन्होंने हजम किया राशन

जानकारी के अनुसार कैमोर वार्ड क्रमांक 4 में चंद्रमोहन बडग़ैंया ने 1344.48 क्विंटल अनाज हजम किया, जिसपर 8 अगस्त 24 को एफआइआर हुई। इसी प्रकार मुरवारी में अजय मिश्रा व रतन पांडेय ने 2208.23 क्विंटल अनाज गायब किया, जिनपर 4 दिसंबर 24 को एफआइआर हुई। खम्हरिया बागरी में लल्लूराम तिवारी ने 462.2 क्विंटल अनाज गायब किया, जिन पर 6 जनवरी 25 को एफआइआर हुई। इसी तरह कछारगांव छोटा में राजेश दाहिया ने 717 क्विंटल अनाज हजम किया, जिसपर 7 जनवरी 25 को प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं परसेल में मोहम्मद आजम ने 535 क्विंटल अनाज गायब किया, जिसके खिलाफ 8 जनवरी 25 को एफआइआर हुई। खाम्हा में जितेंद्र कुमार लोधी ने 701.5 क्विंटल अनाज रफादफा किया, जिस पर 8 जनवरी 25 को एफआइआर हुई। दशरमन में लल्लूराम तिवारी ने 750.7 क्विंटल अनाज गायब किया, जिस पर 8 जनवरी को एफआइआर हुई। इसी तरह गोपालपुर में राकेश पाठक ने 1516.41 क्विंटल अनाज गायब किया, जिसपर 9 जनवरी को एफआइआर हुई।

इन्होंने भी गायब किया गरीबों का निवाला

इसी प्रकार अंतर्वेद में दामोदर लोधी ने 1513 क्विंटल अनाज गायब किया, जिस पर 9 जनवरी 25 को एफआइआर हुई। वहीं पौंड़ीखुर्द में सनिल पटेल ने 314.1 क्विंटल अनाज हजम किया, जिसके खिलाफ 28 जनवरी 25 को एफआइआर हुई। बरही में सनिल पटेल ने ही 143.54 क्विंटल अनाज गायब किया, जिसके खिलाफ 28 जनवरी 25 को मामला दर्ज हुआ। देवरी बिछिया में धर्मेंद्र पटेल द्वारा 294.97 क्विंटल अनाज गायब करने पर 28 जनवरी 25 को रिपोर्ट दर्ज हुई। इसी प्रकार इटौली में कीर्तेश सिंह ठाकुर द्वारा 381.88 क्विंटल अनाज गायब करने पर 29 जनवरी 25 को एफआइआर दर्ज की गई। भटगवां में अटल बिहारी चौबे द्वारा 280.13 क्विंटल अनाज रफादफा करने पर 23 सितंबर 25 को एफआइआर दर्ज विभाग ने कराई है।

फैक्ट फाइल

  • 476 हैं जिले में पीडीएस की दुकानें।
  • 251000 हितग्राहियों के हैं राशन कार्ड।
  • 964500 सदस्यों के लिए मिल रहा राशन।
  • 2718 मैट्रिक टन हर माह मिल रहा गेहूं।
  • 1750 मैट्रिक टन हर माह मिल रहा चावल।
  • 227 मैट्रिक टन हर माह मिल रहा नमक।

वर्जन

लगभग दो साल में 14 सेल्समैनों के खिलाफ एफआइआर हुई है। हितग्राहियों को राशन न मिलने पर जांच कराई गई। जांच में दोषी पाए जाने वाले सेल्समैनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। इनके विरुद्ध वसूली की भी कार्रवाई हो रही है। इस तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी जेएसओ के माध्यम से कराई जा रही है।

सज्जन सिंह परिहार, जिला खाद्य अधिकारी।