
Credit Linked Subsidy Scheme Starts in nagar nigam katni
कटनी. जिन लोगों के पास खुद का पक्का आशियाना नहीं है या मकान बनाने के लिए जमीन नहीं तो ऐसे लोगों के लिए नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टी बनाकर पक्के आवास मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में दो स्थानों पर मल्टी बन रही हैं। बता दें कि बिलहरी मोड़ झिंझरी में 1512 आवास बन रहे हैं। जिसमें इडब्ल्यूएस के 792, एमलआइजी के 384, एमआइजी के 336 बन रहे हैं। इसी तरह प्रेमनगर में 2800 आवास बन रहे हैं, जिसमें इडब्ल्यूएस के 1744 व 1056 एलआजी शामिल हैं। यहां पर आवास लेने वाले हितग्राहियों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम शुरू की गई है। जिसमें उन्हें लाखों रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनका भार काफी कम हो जाएगा। 2015 के बाद जिन लोगों ने आवास ऋण प्राप्त किया है उनके लिए यह क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का लाभ दिया जा रहा है। संबंधित बैंक में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर हितग्राही योजना का लाभ उठा सकेंगे।
ऐसे मिलेगा लाभ
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के लिए हितग्राहियों को बैंकों में फार्म भरना अनिवार्य किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिन हितग्राहियों का जिस बैंक से ऋण प्रकरण स्वीकृत हो रहे हैं वहां जाकर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का फॉर्म भरना होगा। इसके बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। इडब्ल्यूएस और एलआइजी में 6 लाख रुपये तक के ऋण में ब्याज राशि जोडऩे के बाद की राशि में 2 लाख 67 हजार 280 रुपये की छूट, एमआइजी-प्रथम में 9 लाख रुपये के ऋण में ब्याज सहित की राशि में दो लाख 35 हजार 68 रुपये की छूट, एमआइजी-द्वितीय में 2 लाख 30 हजार 156 रुपये की छूट का प्रावधान रखा गया है।
यह है क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सबके लिए आवास योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम लागू की गई है। 18 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार इस योजना का लाभ ले सकते हैं। परिवार में पति-पत्नी, बच्चे शामिल हैं व आर्थिक रूप से स्व निर्भर अविवाहित सहित वयस्क भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
खास-खास:
- देश में कहीं पर भी पक्का आवास नहीं होने पर ही मिलेगा योजना का लाभ, आवास योजना के अन्य घटकों का भी भी होना चाहिए लाभार्थी।
- इडब्ल्यूएस और एलआइजी में महिला श्रेणी का स्वामित्व होना अनिवार्य तभी मिलेगा क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम का लाभ।
- इडब्ल्यूएस और एलआइजी में 6 लाख रुपये, एमआइजी-1 में 5 लाख 40 हजार रुपये व एमआजी-2 में हितग्राही को होगी 5 लाख 28 हजार रुपये की बचत।
- इडब्ल्यूएस और एलआइजी में 6.5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, एमआजी-1 में 4 व एमआइजी-2 में 3 प्रतिशत मिलेगा ब्याज अनुदान।
इनका कहना है
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम चालू है। हितग्राही ऋण और प्रकरण के अनुसार संबंधित बैंक में फार्म भरकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। सीएलएसएस योजना के माध्यम से हितग्राहियों को सवा पांच लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक की बचत होगी।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
31 Jan 2020 12:15 pm
