
कटनी. फोन पर इनाम का लालच, एटीएम बंद होने की जानकारी देकर बैंक खाते से पैसे पार करने की घटनाएं आए दिन सामने आती हैं। अब साइबर के जरिए ठगी करने वालों ने उसका भी तरीका बदल दिया है। इन सब के साथ ही क्यूआर कोड स्कैन करने, लिंक ओपन करने के साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी आइडी बनाकर उसके जरिए फ्राड के मामले भी सामने आ रहे हैं। जिसमें जिले के भी लोग फंसकर राशि गवां चुके हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने व सोशल मीडिया में फर्जी आइडी के जरिए राशि मांगने के पांच-पांच मामले अभी तक साइबर सेल के पास पहुंचे हैं। साइबर सेल व पुलिस विभाग द्वारा ऐसे मामलों से लोगों को दूर रहने की जानकारी भी हर कार्यक्रम में दी जा रही है लेकिन उसके बाद भी लोग शिकार हो रहे हैं। साइबर सेल के पास साल भर में ऐसे लगभग सवा सौ मामले पहुंचे हैं। साइबर ठगी मामले में 24 घंटे के अंदर सूचना देने वाले दस लोगों की राशि भी साइबर सेल ने अभी तक वापस कराई है।
केस नंबर- 01
नवंबर माह में कोतवाली थाना क्षेत्र के गिरजाघाट क्षेत्र निवासी संतोष तिवारी के मोबाइल पर किसी ने फोन किया और एटीएम सुरक्षा को लेकर ओटीपी नंबर मांगा। उन्होंने नंबर दिया तो उसके बाद उनके खाते से 34 हजार रुपये पार हो गए। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
केस नंबर- 02
दिसंबर माह में कोतवाली थाना क्षेत्र के अस्पताल में पदस्थ स्टॉफ नर्स टिकेश्वरी उइके भी ऑनलाइन खरीदी के नाम पर ओटीपी मांगा गया। नंबर देने के बाद उनके खाते से 20 हजार रुपये पार हो गए। जानकारी लगते ही उन्होंने मामले की जानकारी साइबर सेल को दी।
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केस नंबर- 03
शहर की ही मोनिका ने ऑनलाइन शापिंग के नाम पर मोबाइल में आई एक लिंक को ओपन किया। जिसके बाद ओटीपी आई और उसे डालते ही उनके खाते से 48 हजार रुपये पार हो गए। मामले की शिकायत पीडि़त ने साइबर सेल को 24 घंटे के अंदर दी।
ऐसे हो रहे लोग शिकार
- गिफ्ट मिलने के नाम पर मोबाइल में क्यूआर कोड भेजा जाता है, जिसे स्कैन करते ही खाते की पूरी जानकारी ट्रांसफर हो जाती है।
- नामी कंपनी के नाम पर उपहार या इनाम की राशि मिलने के नाम पर लिंक भेजकर।
- कैश बैक के ऑफर में क्यूआर कोड के जरिए।
- सोशल मीडिया पर फ्रेंड के नाम से फर्जी आइडी बनाना और फिर एक्सीडेंट के नाम पर खाते में राशि मंगवा कर।
- किसी कंपनी से ऑनलाइन खरीदी के दौरान कस्टमर केयर नंबर सर्च करने पर उसी के नाम की फर्जी लिंक के जरिए।
- एटीएम बंद होने के नाम पर फोन करके पूरी जानकारी लेकर।
- आधारकार्ड अपडेट करने के नाम पर जानकारी लेकर।
ऐसे करें बचाव-
- मोबाइल पर ऑफर आदि की लिंक को ओपन न करें
- विशेष कंपनी के नाम पर खरीदी में भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें
- सोशल मीडिया पर दोस्त के नाम की आइडी से एक्सीडेंट होने पर राशि मांगने पर पहले दोस्त को फोन लगाएं
- कैश बैक के नाम पर आने वाले ऑफरों पर ध्यान न दें
- किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर को सर्च न करके सीधे कंपनी की अधिकृत बेवसाइड पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कराएं
फर्जी आइडी के 35 मामले पहुंचे
साइबर ठगी के साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी आइडी बनाकर महिलाओं को परेशान करने या एक्सीडेंट के नाम पर राशि मांगने के अभी तक 35 मामले साइबर सेल तक पहुंचे हैं। जिसमें से जांच के बाद कई मामलों में पुलिस संबंधित पर मामला भी दर्ज कर चुकी है। वहीं राशि मांगने के मामले में आई पांच शिकायतों में से एकमात्र युवक ने दोस्त को जरूरत समझकर पांच हजार रुपये भेजे थे।
इनका कहना है...
साइबर ठगी के नाम पर आए दिन नई-नई चीजें सामने आती हैं। क्यूआर कोड, फर्जी आइडी से ठगी करने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्कता की जरूरत है। कोई भी लिंक, क्यूआर कोड स्कैन करने या अन्य उपहार मिलने की जानकारी में अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी से भी लोग शेयर न करें।
रोहित डोंगरे, प्रभारी साइबर सेल
Published on:
30 Jan 2020 11:58 am
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