
mahavidhylye me kiya shodh
कटनी. खेती लाभ का धंधा बन सके इसको लेकर सरकार विशेष प्रयास कर रही है, ेलेकिन कटनी जिले के अफसर किसानों की इस मंशा पर पानी फेर रहे हैं। सरकार प्रोत्साहन राशि फसलों की उत्पादकता को देश में सर्वोच्च स्थान पर लाने, कृषकों को बेहतर बीज, उर्वरक व तकनीकी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना, कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी करना व गुणवत्तायुक्त फसल उत्पादन को प्रोत्साहन करने की मंशा से सरकार द्वारा बांटे जा रहे किसानों को बोनस से जिले हजारों किसान अब भी बोनस से वंचित हैं। जिले के २० हजार से अधिक किसानों को अब भी बोनस का इंतजार है। जबकि सरकार का दावा है कि कटनी जिले के ३२ हजार २०५ कृषकों के लिए ५१.८२ करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि से लाभान्वित किया जा चुका है। शासन द्वारा कृषकों के लिए यह राशि जारी की दी गई है। १६ अप्रैल को किसानों के खाते में राशि पहुंच जानी थी, लेकिन किसानों के खाते में राशि अबतक नहीं भेजी गई। यह प्रोत्साहन राशि खरीफ २०१७ धान की फसल पर और रबी सीजन २०१६-१७ गेहूं पर दी जा रही है। खरीफ २०१७ में १८ हजार ४७० किसानों ने १.५३ लाख टन धान बेची थी। २०० रुपए प्रति क्विंटल के मान से ३०.७१ करोड़ रुपए जारी हुए हैं। यह राशि कृषकों के खाते में १६ अप्रैल को जारी हुई है। इसी प्रकार रबी सीजन २०१७-१८ में १३ हजार ७३५ कृषकों ने १.०५ लाख टन गेहूं बेचा था, इस पर २०० रुपए प्रति क्विंटल के मान से २१.११ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
किसानों ने बताई व्यथा
जिले के अभी भी १५ हजार से अधिक किसानों को बोनस नहीं मिला है। जब पत्रिका ने असकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। ८१ हजार रुपए की धान बहोरीलाल प्रजापति निवासी ग्राम रोहनिया बड़वारा ने बेची है। अबतक खाते में राशि नहीं आई। इसी प्रकार यशेंद्र सिंह ग्राम खिरहवा तहसील विजयराघवगढ़ निवासी कृषक को ६० हजार रुपए बोनस मिलना था खाते में राशि नहीं आई। उमाशंकर मिश्रा परसवारा, श्यामलाल जायसवाल, मूलचंद साहू निवासी परसवारा को भी बोनस की राशि नहीं मिली। कृषक संतोष दुबे निवासी देवरी बिछिया ५० क्विंटल चना बेचा है, आजतक बोनस नहीं मिला। इसके साथ ही उमरियापान के किसान संजू चौरसिया २५० क्विंटल गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य में किए हैं जिन्हें अभी तक बोनस नहीं मिला।
इनका कहना है
कृषि विभाग ने पहले दिन जितने बिल लगाए थे उनका भुगतान हो गया था। जैसे-जैसे बिल लगाते जा रही हैं राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर की जा रही है।
विभूति अग्रवाल, जिला कोषालय अधिकारी।
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इनका कहना है
तकनीकी खामी के चलते बिल तैयार नहीं हो पाए हैं। खातों की जांच के बाद भी बिल तैयार कर ट्रेजरी भेजे जा रहे हैं और किसानों के खाते में राशि भेजी जा रही है। ३२ हजार में से १० से १२ हजार किसानों को बोनस अभी तक मिल चुका है।
एके राठौर, उपसंचालक कृषि।

Published on:
23 Apr 2018 11:31 am
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