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इस अस्पताल में सही ऑपरेशन के बाद भी जुड़ जाती है गलत हड्डी, चिकित्सक भी हैरान

ऑपरेशन के दौरान मशीन से वीडियो देखकर हड्डी सेट करने की सुविधा, उपयोग नहीं होने से कई बार मरीजों की जुड़ जाती है गलत हड्डी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 05, 2018

District incorrect bone added to patients in hospital

District incorrect bone added to patients in hospital

कटनी. जिला अस्पताल में प्रतिदिन हड्डी रोग से पीडि़त ५० से ६० मरीज पहुंचते हैं। यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा अंदाज में ऑपरेशन व प्लास्टर किया जा रहा है। क्योंकि पिछले कई माह से हाईकेट सी-आर्म मशीन ऑपरेशन थियेटर में धूल खा रही है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर तरीके से इलाज हो सके इस मंशा को लेकर राज्य शासन ने हाईटेक सी-आर्म मशीन की सौगात दी थी। अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन से हड्डी संबंधित ऑपरेशन के दौरान समय की बचत, बेहतर ढंग से इलाज और डॉक्टर द्वारा लाइव ऑपरेशन की सुविधा मुहैया कराई गई है। लेकिन जिला अस्पताल में यह मशीन किसी शोपीस से कम नहीं हैं।

शोपी बनी पड़ी मशीन
कटनी जिला अस्पताल से ४ जिले के मरीजों की कनेक्टिविटी है। यहां पर कटनी सहित यहां सतना, पन्ना और उमरिया जिले के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। प्रतिदिन यहां पर एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। हर रोज ५० से अधिक मरीज हडï्डी रोग से पीडि़त पहुंचते हैं। लेकिन इन पीडि़तों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा। क्योंकि अत्याधुनिक मशीन होने के बाद भी इसका उपयोग नहीं किया जा रहा। ६ लाख रुपए से अधिक कीमती सी-आर्म मशीन ऑपरेशन थियेटर में रखी है। जिला अस्पताल में पहुंची सी-आर्म मशीन लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। इस मशीन में लगे कैमरे की मदद से वीडियो के माध्यम से मरीज के मर्ज का पता आसानी से लगाया जा सकता है और बेहतर ऑपरेशन होता है। पहले इसके खराब होने का बहाना बनाया गया था, उसके बाद भोपाल की एम हेल्थ केयर भोपाल द्वारा ३ माह पहले सुधार कार्य किया जा चुका है, लेकिन अबतक मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही।

ऐसे काम करती है मशीन
सीनियर सर्विस इंजीनियर एसके मिश्रा ने बताया कि हड्डी के बारीक ऑपरेशन से लेकर नाक व गले के सामान्य उपचार के लिए इस्तेमाल में आने वाली सी-आर्म मशीन अत्याधुनिक टेक्नालॉजी वाला मल्टीपर्पस एक्स-रे सिस्टम है। इसमें कई टुकड़ों में टूट चुकी हड्डी को भी पूर्व की तरह बारीकी से जोडऩे की क्षमता है। इस सिस्टम से किए ऑपरेशन में हड्डी के जुडऩे के वक्त टेढ़ापन जैसी स्थिति निर्मित नहीं होती। इस मशीन के सहारे राड व प्लेट शिफ्ट करने जैसे मेजर ऑपरेशन कम मिनट में कर लिए जाते हैं।

मशीन में हैं खूबियां
- बीमारियों का बेहतर तरीके से इलाज
- मेजर ऑपरेशन 30 मिनट में
- नाक से जुड़े बारीक इलाज मिनटों में
- गले का ऑपरेशन बिना चीरफाड़ के
- मिनटों में लगते हैं राड-प्लेट।
- टुकड़ों में टूटी हड्डी भी पहले जैसी जुड़ती है।
- मरीजों को हजारों खर्च से राहत।

इन लोगों की गलत जुड़ी हड्डी
केस ०१
कूरा पिता रामदास गौटिया निवासी चरगवां ने बताया कि २ माह पहले उसका एक्सीडेंट हो गया था। जिला अस्पताल में वह पैर का प्लास्टर करवाया, लेकिन हड्डी ऊपर-नीचे जुड़ गई है। जिसका दोबारा ऑपरेशन होना है।
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केस ०२
भोला प्रसाद राय निवासी बड़वारा ने कुछ माह पहले जिला अस्पताल में हाथ फैक्चर होने पर ऑपरेशन कराया था। उसने बताया कि उसका हाथ की हड्डी तो जुड़ गई है, लेकिन तिरछी है।
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केस ०३
राजेश कुमार निवासी रोशन नगर छत से गिरकर घायल हो गया था। उसका एक हाथ फैक्चर बताया गया। प्लास्टर कराने के बाद हाथ की हड्डी तिरछी जुड़ी है।

इनका कहना है
हड्डी के ऑपरेशन आदि में सी आर्म मशीन का प्रयोग क्यों नहीं हो रहा है इसका पता लगाया जाएगा। सी आर्म मशीन की सुविधा मरीजों को दिलाई जाएगी।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।