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बकायादारों ने नहीं जमा किया राजस्व तो खसरे में कहलाएंगे ‘कर्जदार’, रुकेंगे सब काम, राजस्व वसूली के लिए सख्त हुआ पंजीयक विभाग

पहले मनमाने दाम पर बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री करा लेना व उसके बाद पंजीयक कार्यालय में राजस्व न जमा करने वालों को यह मनमानी अब भारी पड़ेगी। इसके लिए पंजीयक विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दिया है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 31, 2020

District Registrar Department will take action for revenue collection

District Registrar Department will take action for revenue collection

कटनी. पहले मनमाने दाम पर बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री करा लेना व उसके बाद पंजीयक कार्यालय में राजस्व न जमा करने वालों को यह मनमानी अब भारी पड़ेगी। इसके लिए पंजीयक विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दिया है। अब भूमि स्वामी व राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले के खसरे में कर्जदार दर्शाया जाएगा, जिससे उसके सभी काम रुक जाएंगे। बता दें कि 1984-85 के बाद से 628 केस में 21 करोड़ 82 लाख 72 हजार 628 रुपये बकाया है। स्टाम्प ड्यूटी व राजस्व वसूली के लिए विभाग ने कई बार प्रयास किए, नोटिस जारी किया, लेकिन प्रभावी परिणाम सामने नहीं आए। करोड़ों की क्षति पहुंचाने वाले राजस्व जमा ही नहीं कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 63 प्रकरणों में 47 लाख 60 हजार रुपये की वसूली हुई है। अब विभाग उक्त खसरे की जमीन के कैफियत कॉलम में 'कर्जदारÓ दर्ज करेगी जिससे रजिस्ट्री, उपयोग, उपभोग या अन्य योजनाओं में दस्तावेज बगैर स्टाम्प ड्यूटी जमा करे मान्य नहीं होंगे। बता दें कि यदि कोई जमीन का सौदा 5 लाख रुपये में हुआ है और उस जमीन की कीमत गाइड लाइन के अनुसार 7 लाख रुपये है तो कम राजस्व जमान करने के विरूद्ध वाले आरआरसी प्रकरण हैं।

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8 हैं बड़े बकायादार
जिले में आठ सबसे बड़े बकायादार हैं, जिनसे 16 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। ये मामले रेत और मार्बल के हैं। ऑडिट टीम द्वारा मामलों को पकड़ा गया है। मानइलिंग लीज पट्टे हैं, जिनमें आरआरसी निहित है। शिवा कार्पोरेशन के तीन प्रकरण हैं। इसमें निर्धारित मात्रा से अधिक पर रेत खनन किया गया है। इसमें एक करोड़ 5 लाख, एक प्रकरण में 12 लाख 75 हजार, एक प्रकरण में एक करोड़ 23 लाख 82 हजार, गीतांजलि मार्बल का 30 लाख, लक्ष्मी गौड़ मार्बल एंड मिनरल्स का 10 लाख 70 हजार रुपये, आरएमजी लेटराइट सुपर कंडेक्ट का 3 करोड़ सहित अन्य प्रकरण शामिल हैं।

इनका कहना है
आरआरसी वसूली के लिए यह पहल की जा रही है। कई बड़े बकायादार हैं जो कई वर्षों से राजस्व नहीं जमा कर रहे। अब ऑनलाइन खसरे में कर्जदार दर्शाया जाएगा। वसूली के लिए भी पहल की जा रही है।
नमीमदास चौकीकर, जिला पंजीयक कटनी।