
रिश्वत लेते हुए बाबू का Video viral, मरे हुए शिक्षक के घर वालों से मांगे थे 50 हजार
सरकार की तमाम सख्ती और लोकायुक्त पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला सूबे के कटनी जिले के शिक्षा विभाग के संकुल केंद्र से सामने आया है, जहां पदस्थ एक लिपिक का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
आरोप है कि, संकुल केंद्र स्लीमनाबाद में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 के बाबू अतुल द्विवेदी के द्वारा एक मृत शिक्षक के घर वालों से समय वेतनमान का लाभ दिलाने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। कथिततौर पर आरोपी लिपिक अतुल द्विवेदी द्वारा 10-10 हजार करके रिश्वत की दो किस्तें नगद ले ली थीं। दावा है कि, ये तीसरी बार दी जा रही किस्त के 10 हजार रुपए देने के दौरान उसका हिडन वीडियो बनाया गया है। परिजन का आरोप है कि, रिश्वत लेने के बाद भी बाबू द्वारा काम नहीं किया गया तो परिजन ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के साथ साथ कलेक्टर से की है। साथ ही, सबूत के तौर पर 10 हजार की नगद रिश्वत लेते वीडियो भी उपलब्ध कराया।
वायरल हुआ रिश्वतखोरी का वीडियो
मृत शिक्षक के परिजन द्वारा की गई लिखित शिकायत के अनुसार, स्व.जागेश्वर प्रसाद तिवारी सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला भेड़ा में पदस्थ थे। साल 1982 में उनकी प्रथम नियुक्ति हुई थी। साथ ही 1 जनवरी 2008 को उनका निधन हो गया था। लोक शिक्षा संचानालय के आदेश के मुताबिक मृतक शिक्षक को नियुक्ति दिनांक से एरियर्स राशि का भुगतान होना था, जिसमें मृतक शिक्षक की पत्नी सावित्री तिवारी की ओर से आवेदन स्लीमनाबाद संकुल केंद्र में दिया गया था।
रिश्वत लेने के बाद भी नहीं कर रहा काम- आरोप
हालांकि, यहां नियुक्ति दिनांक से समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने के एवज में विभाग के बाबू अतुल द्विवेदी ने 50 हजार रुपए की डिमांड कर दी। इस दौरान तय हुआ कि, किस्त के आधार पर रकम दे दी जाएगी। साथ ही, आधी रकम पहुंचने के बाद प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। ऐसे में मृत शिक्षक के घर वालों ने दस-दस हजार की तीन किश्ते बाबू को दे दीं, बावजूद इसके बाबू द्वारा कोई काम शुरु नहीं किया गया। परिजन के अनुसार, अब लिपिक ने ये कहना शुरु कर दिया कि, जबतक पूरी राशि नहीं दोगे काम शुरु नहीं करेंगे। तब मृतक शिक्षक के भतीजे के द्वारा दस हजार रुपए की राशि 25 जनवरी 2023 को लिपिक को दी और राशि देते समय वीडियो बनाकर रख लिया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार ?
मामला उजागर होने के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि, मृतक शिक्षक के परिजन द्वारा शिकायत की गई है। साथ ही, साक्ष्य के रूप मे वीडियो उपलब्ध कराया है। आरोप की जांच की जाएगी और आरोप सिद्ध होने पर रिश्वतखोर लिपिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संयुक्त संचालक को भी पत्र लिख दिया है।
Published on:
06 Sept 2023 07:30 pm
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