
जिंदा इंसान को परेशान होते खूब देखा होगा, लेकिन यहां तो मुर्दा होने लगे परेशान
कटनी. जिले की रीठी तहसील मुख्यालय का सरकारी अस्पताल इन दिनों मरीजों दवा देने की बजाय दर्द देने का काम कर रहा है। वहीं उच्चाधिकारी भी इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे। रीठी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत मरणासन्न है। अस्पताल पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों की मनमानी का दंश झेलने को मजबूर हैं। इतना ही नही इन दिनों रीठी अस्पताल में व्याप्त भर्राशाही से क्षेत्र के मरीजों के साथ-साथ मुर्दे भी परेशान हैं। जिले में बैठे सीएमओ के संरक्षण में चल रही रीठी अस्पताल में मनमानी अपने चरम पर है। रीठी अस्पताल में रविवार अवकाश के दिन रीठी अस्पताल प्रबंधन की मनमानी के कारण एक भी चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात नहीं रहता।
ऐसा ही एक ताजा मामला रविवार को सामने आया। रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी के ग्राम कैना निवासी बंजारी आदिवासी पिता नंदू आदिवासी (40) की खेत में सोते समय संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि मृतक शनिवार-रविवार की रात को खेत मे सोया है तो सोता ही रह गया। परिजनों इसकी जानकारी सलैया चौकी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रीठी अस्पताल भेजा, लेकिन रीठी अस्पताल मे हमेशा की तरह रविवार को भी डॉक्टर अस्पताल से गायब रहे। डाक्टर के इंतजार में लाश दिनभर मर्चुरी में रखी और परिजन व पुलिस परेशान रही। मृतक के भाई जगत आदिवासी ने रीठी अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए लाश को बिना पोस्टमार्टम कराये वापस ले जाने लगे। पुलिस की समझाइश के बाद परिजन माने और दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद मृतक का पोस्टमार्टम हो पाया। बताया गया कि यह रीठी अस्पताल का कोई पहला मामला नही है।
प्रौढ़ प्रोढ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजन व पुलिस लाश को पोस्टमॉर्टम कराने के लिए लेकर सुबह करीब ग्यारह बजे रीठी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में एक भी चिकित्सक नही मिला। दिनभर डाक्टर के इंतजार में बैठे परिजनों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब देखते-देखते दोपहर के तीन बज गये और एक भी डाक्टर नहीं पहुंचे। चिकित्सकों की लापरवाही से गुस्साए परिजन लाश को बिना पोस्टमार्टम कराये वापस ले जाने लगे। मौजूद सलैया चौकी पुलिस की समझाइश के बाद परिजन माने तब कहीं जाकर दोपहर साढ़े तीन बजे जब बहोरीबंद से एक डाक्टर रीठी अस्पताल पंहुचा तब मृतक का पोस्टमार्टम हो पाया।
सीने के दर्द से तड़पता रहा बुजुर्ग, नर्सों ने अस्पताल से भगाया
वहीं रविवार को ही रीठी अस्पताल प्रबंधन की मनमानी की पोल खोलता हुआ एक और मामला प्रकाश मे आया है। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे एक बुजुर्ग सीने के दर्द से तडफ़ रहा था। बुजुर्ग से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वह पाली गांव से रीठी अस्पताल इलाज कराने आए थे। लेकिन उन्होंने रीठी अस्पताल में दबा की जगह सिर्फ दर्द ही मिला। सीने के दर्द से तडफ़ते बुजुर्ग को ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ नर्सों द्वारा यह कह कर अस्पताल से भगा दिया गया कि रविवार होने के कारण अस्पताल मे डाक्टर नही है, सोमवार को आना। इस गंभीर मामले को लेकर रीठी अस्पताल की प्रभारी बीएमओ डॉ. बबीता सिंह अनजान बनी रहीं।
Published on:
27 Sept 2021 11:37 pm
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