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दावों की हकीकत: पांच दिन बाद भी किसानों को नहीं मिल रही खाद, किया हंगामा

कुठला पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा, कृषि उपज मंडी केंद्र स्थित खाद विक्रय केंद्र का मामला

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कटनी

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Balmeek Pandey

Aug 06, 2025

Farmers are not getting fertilizers

Farmers are not getting fertilizers

कटनी. प्रशासन द्वारा समय पर जरुरत अनुसान किसानों को खाद मुहैया कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में स्थित हकीकत से परे हैं। कई केंद्रों में अभी भी किसानों को जरुरत के अनुसार खाद नहीं मिल रही। उन्हें खाद के लिए केंद्रों के तीन से चार दिन तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसा ही मामला मंगलवार को कृषि उपज मंडी पहरुआ स्थित विपणन सहकारी समिति मर्यादित कटनी खाद विक्रय केंद्र में सामने आया। यहां पर सुबह 5 बजे से किसान खाद के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। परेशान किसानों ने मंगलवार दोपहर हंगामा खड़ा कर दिया और जमकर नारेबाजी की। कुठला पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
किसानों को ब्लॉक व नगर मुख्यालय पर ही खाद की व्यवस्था शासन-प्रशासन को करानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। किसानों को जब स्थानीय स्तर पर खाद नहीं मिल रही तो वे 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर कृषि उपज मंडी पहरुआ पहुंच रहे हैं और यहां भी निराशा हाथ लग रही है। किसानों का आरोप है कि केंद्र में किसानों को भटकाया जा रहा है और रात में खाद की कालाबाजारी हो रही है। किसान कतार में लगकर परेशान हैं।

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फेल साबित हो रहे दावे

जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, आयेदिन झुकेही में रैक लगने का राग अलापा जा रहा है, लेकिन किसानों को हो रही परेशानी दावों की पोल खोल रहा है। कलेक्टर दिलीप यादव भी खाद को लेकर गंभीर है, बावजूद इसके जिले का किसान परेशान हैं। संबंधित अधिकारियों की मनमानी सिस्टम पर भारी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में सहकारी समितियों की हालत खराब है। समितियों में खाद की भी किल्लत है। सूत्रों की मानें तो डिमांड के अनुसार जिले को खाद नहीं मिली है।

किसानों ने बताई पीड़ा


मैं भैंसवाही से सुबह 6 बजे खाद लेने पहुंच गया था। 11 बजे बोल रहे हैं कि खाद नहीं मिलेगा। सोमवार को 6 रुपए लोडर में खर्च किए और मंगलवार को भी किराये पर लेकर आए, लेकिन खाद नहीं दी गई। केंद्र प्रभारी कहते हैं जब किसान चले जाएंगे तो मिलेगा। रात में खाद ब्लैक कर दी जाती है।
धर्मेंद्र कुमार मौर्य, किसान।

25 किलोमीटर दूर से आकर दो दिनों से खाद के लिए भटक रहे हैं। मंगलवार को भी नहीं दिया। आइडी चढ़ाने की बात कह रहे हैं। हर दिन 100 से अधिक किसान परेशान हो रहे हैं। सोसायटी वाले मनमानी कर रहे हैं। चार बोरी मांगने पर एक बोरी खाद दी जा रही है। किसानों को खाद न होने की सूचना भी नहीं दी जा रही।
रघुवीर प्रसाद लोधी, किसान।

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सुबह 6 बजे से दोपहर तक खाद के लिए इंतजार करते रहे, बाद में कह दिया गया कि खाद नहीं हैं। सोसायटी वाले तीन दिनों से परेशान कर रहे हैं। एक ट्रक में खाद भरा था, लेकिन कह दिया गया कि कल खाद मिलेगी। खाद्य विक्रय केंद्र में किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं।
शिवसागर निषाद, किसान अधारकाप।

सुबह 5 बजे से खाद के लिए 1 बजे तक इंतजार करते रहे। टोकन 11 बजे मिल रहा है। 5 दिनों से खाद के लिए परेशान हैं। यहां पर सिर्फ 40 से 50 लोगों को ही खाद दी जा रही है। सभी किसानों को समय पर खाद मिले यह देखने वाला कोई नहीं है। जो पहले आए, उसे खाद मिले, लेकिन इस नियम का पालन नहीं हो रहा।
प्यारेलाल, किसान बिजौरी।

खाद के लिए सुबह से आए और लाइन में लगे रहे, लेकिन कह दिया गया कि जब ट्रक से खाद उतरेगी तो मिलेगी। 22 किलोमीटर दूर तेवरी से ऑटो लेकर खाद लेने पहुंचा। खाद नहीं मिली, किराया भी लग गया। स्थानीय स्तर पर खाद न मिलने के कारण शहर आना पड़ रहा है। यहां पर भी समस्या हो रही है।
रामकिशोर जायसवाल, किसान।

वर्जन
जिले में खाद की समस्या कहीं पर नहीं है। हो सकता है किसान अधिक की डिमांक कर रहे हों और उन्हें कम मात्रा में खाद मिल रही है। इस पूरे मामले को दिखवाया जाएगा। किसानों को समय पर खाद मिले, यह प्राथमिकता तय की गई है।
दिलीप यादव, कलेक्टर।