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127 किसानों ने किया था कर्जमाफी का आवेदन, जीआरएस ने 13 को ही किया फीड, वीडियो में देखें कैसे किसानों ने बताई समस्या

होरीबंद विकासखंड के ग्राम सिंदूरसी में जय किसान ऋण माफी योजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। किसानों के नाम ही पोर्टल में रोजगार सहायक द्वारा दर्ज नहीं किए गए। एक साल बाद भी जब किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मंगलवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह व जिला पंचायत सीइओ जगदीशचंद्र गोमे से किसानों ने समस्या बताई।

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Balmeek Pandey

Jan 15, 2020

कटनी. बहोरीबंद विकासखंड के ग्राम सिंदूरसी में जय किसान ऋण माफी योजना में गंभीर लापरवाही सामने आई है। किसानों के नाम ही पोर्टल में रोजगार सहायक द्वारा दर्ज नहीं किए गए। एक साल बाद भी जब किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मंगलवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह व जिला पंचायत सीइओ जगदीशचंद्र गोमे से किसानों ने समस्या बताई। किसान नरबद सिंह, आम सिंह, गोरेराम पटेल, श्रीराम, संतोष कुमार, द्वारका प्रसाद, राजराज सिंह आदि ने बताया कि एक साल पहले ग्राम पंचायत में कर्जमाफी के लिए आवेदन दिए थे। आवेदन जमा करने की पावती भी सभी के पास है। 127 आवेदन ग्राम पंचायत में दिए थे, लेकिन 13 आवेदनों को ही सचिव, रोजगार सहायक व नोडल अधिकारी द्वारा फीड किया गया है। एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने यह समस्या बताई। किसानों की शिकायत पर जिला पंचायत सीइओ जगदीशचंद्र गोमे ने कहा कि सचिव और सीइओ से इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसानों की समस्या का समाधान कराने पहल की जाएगी।

 

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31 जनवरी तक ऋण माफी के लिए आवेदन कर सकेंगे किसान
सरकार ने जय किसान फसल ऋण माफी से वंचित रह गए किसानों को दोबारा आवेदन देने का मौका दिया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव किसान कल्याण ने कलेक्टर को आदेश भी जारी कर दिए हैं। इनके आवेदन 15 से 31 जनवरी तक लिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार फसल ऋण माफी को लेकर जो विभागीय आदेश जारी किए गए थे उस स्थिति में सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व राष्ट्रीयकृत बैंक चालू और कालातीत खातों में 2 लाख रुपये की सीमा तक के ऋण माफी के लिये किसानों से तय सीमा में आवेदन प्राप्त किये गये थे, लेकिन ऐसे किसान जिनका 31 मार्च 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपये तक के चालू अथवा कालातीत ऋणी खातों में राशि बकाया थी एवं उस वक्त आवेदन नहीं कर सके थे उनके लिये पुन: आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया तय कर दी गई है। बताया गया है कि ऐसे ऋणी किसानों से गुलाबी आवेदन पत्र (पिंक-1) में आवेदन संबंधित विकासखंड जनपद पंचायत कार्यालय में 15 से 31 जनवरी तक प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद तय गुलाबी आवेदन पत्र तय प्रारूप में जिले की आवश्यकता अनुसार कलेक्टर जिला या जनपद स्तर पर प्रिंट कराकर उपयोग करवाएंगे। इसके बाद जनपद सीइओ पूर्व की भांति योजना क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। जनपद स्तर पर ऋणी किसानों से आवेदन प्राप्त करने शासकीय सेवक तैनात किए जाएंगे। जनपद में प्राप्त आवेदनों की संख्या प्रतिदिन संचालक कृषि को भेजी जाएगी। जिन प्रकरणों का चयन किया जाना है उसमें यह देखा जाएगा कि ऋण की राशि 2 लाख से ऊपर की न हो। साथ ही एक आधार नंबर पर एक ही ऋण माफी के प्रकरण की स्वीकृति की जाए।

 

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एक फरवरी से डाटा फीडिंग
प्राप्त आवेदनों की डाटा इंट्री का काम संबंधित पोर्टल पर 1 से 10 फरवरी तक जनपद पंचायत में आफ लाइन किया जाएगा। इसका सत्यापन होने के बाद इसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आवेदन अपलोड होने के बाद अंत में कलेक्टर संबंधित बैंक या समिति को आवेदन पत्र भेजेंगे। जहां पात्रता या अपात्रता का निराकरण किया जाएगा। निराकरण के बाद बैंक इसका विवरण अंकित करेंगे, इसके बाद प्रकरण अनुमोदन के लिये कलेक्टर को भेजा जाएगा। कलेक्टर इनका पुन: परीक्षण कर बैंक प्रस्ताव को अनुमोदित करेंगे। इसके बाद चरण अनुसार प्रकरण स्वीकृत किए जाएंगे।

इनका कहना है
जिन किसानों के ऋण माफ नहीं हुए हैं वे 31 जनवरी तक इस प्रक्रिया में आवेदन कर सरकार की योजना का लाभ ले सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत ऋण माफी की कार्रवाई होगी।
एके राठौर, उपसंचालक कृषि।