नर्मदा का जल- दस साल से तरस रहे एक लाख से अधिक विंध्य के अन्नदाता

सतना, जबलपुर और कटनी जिले के एक लाख से ज्यादा किसानों के 2 लाख 41 हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए बरगी व्यपवर्तन योजना में इमलिया पहाड़ी टनल की खुदाई बड़ी बाधा.

By: Subodh Tripathi

Published: 08 Oct 2021, 03:39 PM IST

कटनी. नर्मदा के विंध्य की धरा पर कदम रखने मेंं चुनौतियां कम नहीं हो रही है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद स्थित इमलिया पहाड़ी पर नहर निकासी के लिए जिस सुरंग का काम 2011 में पूरी हो जाना था। वह दस साल बाद भी अधूरा है। जिस हैदराबाद की कंपनी को सुरंग की खुदाई का जिम्मा सौंपा है, वह खुदाई के दौरान मिट्टी के लगातार स्वरुप बदलने और कटर खराब होने का बहाना सालों से बनाते आ रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।


कछुआ चाल से चल रहा काम
काम की गति और अब तक के कार्य की प्रगति की समीक्षा खुद सीएम द्वारा 26 मार्च 2021 को करने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि उनके खेतों तक पानी शायद जल्दी पहुंचेगा। यह अलग बात है कि किसानों की मंशा फिर भी समय पर पूरी होती नहीं दिख रही है। सीएम की समीक्षा के बाद नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) ने हर माह 275 मीटर सुरंग खुदाई का लक्ष्य तय किया था। बीते 6 माह में खुदाई पर नजर डालें तो अप्रैल से सितंबर माह के बीच 1650 मीटर खुदाई हो जानी थी, लेकिन पूरे 475 मीटर कम यानी 1175 मीटर खुदाई ही हो सकी। ऐसे में पिछले दस साल से इंतजार कर रहे किसानों को शायद और भी ढ़ाई साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।

नर्मदा का जल- दस साल से तरस रहे एक लाख से अधिक विंध्य के अन्नदाता

भुगतान में देरी भी बन रहा कारण


सुरंग खुदाई में लेटलतीफी के पीछे भौगोलिक परिस्थियों के अलावा प्रशासनिक कारण भी कम जिम्मेदार नहीं है। ठेका कंपनी को समय पर भुगतान भी इसमें एक प्रमुख कारण है। इस बार अगस्त और सितंबर माह में राशि का भुगतान नहीं हुआ है। बकाया 23 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

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विंध्य की सियासत पर भी असर
बरगी व्यपवर्तन योजना में सबसे ज्यादा सिंचित क्षेत्रफल सतना जिले का 1 लाख 59 हजार 655 हेक्टेयर है। तो विंध्य की सियासत में इस परियोजना की चर्चा भी रहती है। स्लीमनाबाद की इमलिया पहाड़ी में टनल का काम पूरा होने के बाद सतना जिले के खेतों तक पानी पहुंची तो राजनीति में यह मुद्दा भी बड़ा होगा। बरगी व्यपवर्तन योजना से जबलपुर जिले की 60 हजार और कटनी जिले की 21 हजार 823 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई का लक्ष्य है।

यह भी जानें-
- 275 मीटर हर माह खनन का लक्ष्य तय किया सीएम द्वारा मार्च में की गई समीक्षा के बाद।
- 1175 मीटर 6 माह में हुई खुदाई, 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग खुदाई में अब तक 6 किलोमीटर की खुदाई।
- 2008 में काम शुरू होने के बाद 40 माह में पूरा करने का था लक्ष्य, 13 साल में आधा ही हुआ काम।
- 799 करोड़ रुपए की परियोजना में 560 करोड़ रुपए से ज्यादा भुगतान, ठेकेदार को 4 बार दिया एक्सटेंशन।
- 23 करोड़ रुपए सितंबर माह नहीं हुआ भुगतान। समय पर राशि नहीं आने से भी काम पर असर।

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बताते हैं कि टनल खुदाई का काम अप स्ट्रीम में सलैया फाटक और डाउन स्ट्रीम में खिरहनी की ओर से लगातार चल रहा है। हर माह 275 मीटर खुदाई लक्ष्य पूरा करने में सितंबर माह में कटर बदलने के कारण विलंब हुआ था। सितंबर 2023 में काम पूरा करने का लक्ष्य है।
-सहज श्रीवास्तव,प्रभारी कार्यपालन यंत्री, एनवीडीए

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