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बेखौफ खनन माफिया : बीच नदी बना ली सड़क, मशीनें डालकर 30 फीट गहराई से निकाल रहे रेत

बेखौफ खनन कारोबारी ने रौंदे नियम: बीच नदी रैम्प और रोड बनाकर निकाली जा रही रेत, विरोध में आए ग्रामीण। विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम घुघरी का मामला, मौके पर पहुंची पुलिस उल्टा ग्रामीणों पर ही जमाने लगी धौंस।

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बेखौफ खनन माफिया : बीच नदी बना ली सड़क, मशीनें डालकर 30 फीट गहराई से निकाल रहे रेत

कटनी. सरकार और प्रशासन की तमाम सख्तियों के बावजूद मध्य प्रदेश में अवेध खनन पर नकेल नहीं लग पा रही है। रेत के बेखौफ मनमाने खनन से न सिर्फ नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है, बल्कि मानव जीवन के लिए भी ये अब घातक साबित होने लगा है। ये तमाम गैरकानून काम सरकार और अफसरों की नाक के नीचे चल रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार मौन हैं। कई जगहों पर तो आलम ये है कि, वहां के ग्रामीणों ने ही अपने इलाके की नदियों की रक्षा करने का मोर्चा संभाल लिया है। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले के विजयराघवगढ़ तहसील में आने वाले ग्राम घुघरी में सामने आया।

दरइसल, ग्राम घुघरी में स्थित चपना की महानदी में खनन कारोबारी नियमों को ताक में रखकर रेत निकलवा रहे थे। नियमों को रौंदते हुए बीच नदी में रैम्प और सड़क बनाकर बड़ी-बड़ी मशीनें उतारकर 20 से 30 फीट गहराई तक रेत की निकासी की जा रही है। प्रशासन और सरकार का डंडा चलने के इंतजार में बैठे वहां के ग्रामीणों ने आआआखिरकर इस तरह रेत खनन का विरोध शुरु कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि, ग्राम चपना के समीप महानदी घुघरी खदान में बीच नदी में रैम्प बनाकर रेत खनन विष्टा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि, यहां पर खदान स्वीकृत नहीं हैं, लेकिन फिर भी रेत निकासी के लिए मशीनें लगाई जा रही हैं। ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच सुनीता राजेश दाहिया, नर्मदा सेन, संजय पटेल, ओमकार पटेल, ब्रजभान सिंह, लवकुश पटेल, शत्रुघन सिंह, तेजप्रताप सिंह ग्रामीणों ने रेत खनन का विरोध किया।

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नलकूप हो रहे ठप

ग्रामीणों ने बताया कि, मनमाने खनन की वजह से जमीन का जल स्तर तेजी से गिरने लगा है। गांव के कई नलकूपों ने तो काम करना तक बंद कर दिया है। वॉटर लेवल नीचे चला गया है, जिससे कुआं और बोरिंग में पानी नहीं आ रहा, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि, 20 से 30 फीट गहराई में रेत निकाली जा रहा है, जबकि मजदूरों से रेत निकाले जाने का प्रावधान है। ग्रामीणों ने कहा कि, एनजीटी के नियमों को ताक में रखकर खनन किया जा रहा है। इसके लिए न तो खनिज विभाग और ना ही प्रदूषण विभाग ध्यान दे रहा है। जिला प्रशासन भी मनमान खनन पर मौन है।


पुलिस ने ग्रामीणों पर जमाई धौंस

ग्रामीणों ने बताया कि, खनन कारोबारियों ने फोन कर डायल-100 को बुलाया। पुलिस ने ग्रामीणों की बात नहीं सुनी, उल्टा ग्रामीणों पर ही धौंस जमाते रहे। पुलिस ने कहा कि, यहां काम नहीं रोकें, तहसीलदार, एसडीएम व कलेक्टर को शिकायत देकर रोकें। पुलिस ने कहा कि, ठेकेदार करोड़ों रुपए सरकार को दे रहे हैं। इसके बाद भी अगर वो रेत नहीं निकालेंगे तो क्या करेंगे। ग्रामीणों से कहा कि, उनके काम में हस्ताक्षेप नहीं करें। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि, शिकायत करके थक गए हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब मनमाना खनन नहीं होने दिया जाएगा।

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इनका कहना है

मामले को लेकर विजयराघवगढ़ एसडीएम महेश मंडलोई का कहना है कि, अगर बीच नदी में रैम्प बनाकर रेत का खनन मशीनों से किया जा रहा है तो ये गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। मनमाने खनन पर कार्रवाई होगी।