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आंगनबाड़ी में खाना खाने से आठ बच्चे बीमार

बीडी अग्रवाल वार्ड की घटना, सूचना पर कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ व समूह पर हुई कार्रवाई

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Food Poisoning, Anganwadi, Children, Vomiting Diarrhea, Katni News

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कटनी। शहर के बीडी अग्रवाल वार्ड में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचने वाले 8 बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बच्चों में उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आई है। एक साथ बच्चों में हुई समस्या से सभी बच्चों के परिजनों में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद परिजनों ने अपने बच्चों का इलाज करवाया। जहां बच्चों की हालत में सुधार है। मामला मुड़वारा विकासखण्ड के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 85 बीडी अग्रवाल वार्ड गणेश मंदिर के पीछे संचालित केन्द्र का है। जानकारी के अनुसार दोपहर एक बजे के बाद एक 8 बच्चों की तबीयत बिगडऩे लगी। सभी बच्चे उलटी दस्त करने लगे। परिजनों द्वारा बच्चों का इलाज कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सभी बच्चों की तबीयत आंगनवाड़ी केंद्र का खाना खाने के बाद ही खराब हुई थी। परिजनों द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को भेजने से मना कर दिया गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रमा खरे ने कहा कि मंगलवार को सहायिका बबीता विश्वकर्मा के साथ वे केंद्र पर ही रहीं। बच्चों को खाना खिलाया, सभी स्वस्थ थे। लेकिन दूसरे दिन परिजनों ने शिकायत की है कि आपके यहां से खाना खाने के बाद बच्चे बीमार हुए हैं। उनके द्वारा कहा गया कि अब बच्चे केंद्र नहीं भेजेंगे। हमेशा यहां समस्या रहती है। कार्यकर्ता ने बताया कि यहां पर समूह के माध्यम से खाना पहुंचाया जाता है। हालांकि फूड प्वाइजनिंग किन कारणों से हुई अभी यह स्पष्ट नहीं है। बहरहाल जांच के बाद असल कारणों का पता चल पाएगा।

सूचना न देने पर हुई कार्रवाई
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर मामले की जांच की गई। इस दौरान केंद्र का खाना फेंक दिया गया था। बच्चे सभी स्वस्थ हैं। समूह, कार्यकर्ता, सहायिका, सुपरवाइजर और सीडीपीओ की लापरवाही पाई गई है। यदि अभिभावकों ने बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना दी थी तो इसकी जानकारी अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई, नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इस मामले में कार्यकर्ता व सहायिका द्वारा वॉटर फिल्टर का उपयोग न करने, भोजन स्वयं चखकर न देखने, सूचना न देने पर 15-15 दिवस का वेतन काट दिया गया है। परियोजना अधिकारी मीना बड़कुल द्वारा निरंतर केंद्रों की निगरानी न करने व सेक्टर पर्यवेक्षक निधि पटेल द्वारा भी ठीक से निगरानी न करने पर एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए हैं व काली स्व सहायता समूह का एक माह का भुगतान काट दिया गया है। दोबारा गड़बड़ी पाए जाने पर हटाने की कार्रवाई होगी।